– पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री ने कहा, प्रदेश में चल रहा सघन टीकाकरण अभियान
लखनऊ(हि.स.)। गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए 45 दिन तक प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जायेगा। प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराते हुए उस भूमि पर मनरेगा एवं अन्य सीएसआर मद का उपयोग करते हुए नैपियर घास का उत्पादन किया जाए।
यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने दी। वह योजना भवन में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री ने बताया कि गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान 11 जुलाई से शुरू होकर 25 अगस्त तक चलेगा।
धर्मपाल सिंह ने बताया कि वर्तमान में गलाघोंटू का टीकाकरण पशुपालकों के द्वार पर नि:शुल्क किया जा रहा है। इस बीमारी से बचाव के लिए सघन टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। टीकाकरण का लक्ष्य 418 लाख रखा गया है, जिसके सापेक्ष 324 लाख टीकों का वितरण किया गया है एवं लगभग 171 लाख पशुओं में टीकाकरण हो चुका है। प्रदेश में टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 15 अगस्त 2023 तक 07 लाख टीका प्रतिदिन की दर से टीकाकरण कर लक्ष्य की पूर्ति की जायेगी।
पशुपालकों को 100 रूपये में उपलब्ध होगा सीमेन
दुग्ध विकास मंत्री ने बताया कि नस्ल सुधार के अन्तर्गत सरकार द्वारा प्रदेश के समस्त पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्रों पर 11 सीमन वितरण केन्द्र स्थापित किये जा रहे हैं, जहां से पशुपालकों को उन्नत नस्ल का सीमेन प्राप्त हो सकेगा। प्रदेश में सेक्स शार्टेड सीमेन की दर 300 रुपये से घटाकर 100 रुपये कर दी गयी है। वहीं राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत नस्ल संवर्धन के लिए चार करोड़ रूपये प्रति परियोजना की दर से चार परियोजनाएं स्वीकृत की गयी हैं। जिनमें 50 प्रतिशत की दर प्रति परियोजना रुपये 02 करोड़ का अनुदान निहित है।
धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 520 मोबाइल वेटनरी यूनिट का संचालन किया जा रहा है। टोल फ्री नंबर 1962 द्वारा पशुपालकों के दरवाजे पर जाकर पशुओं को आकस्मिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
वन महोत्सव पर गौ वृक्ष लगाने की अपील
पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल ने वन महोत्सव 22 जुलाई को प्रदेशवासियों से गौ वृक्ष लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पीपल, पाकड़, बरगद, गूलर और जामुन को गौवृक्ष कहते हैं। इन वृक्षों को गौशालाओं में ट्री गार्ड के साथ लगाकर गौ माता की कृपा प्राप्त करें।
बृजनन्दन/मोहित
