Friday, April 3, 2026
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गोंडा : सेंट्रल बैंक की शाखा बंद होने पर सांसद ने रिजर्व बैंक को लिखा पत्र

– सांसद बोले बैंक प्रबंधन का निर्णय सरकार की मंशा पर फेर रहा पानी 

गोंडा (हि.स.)। लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा को मुख्य ब्रांच में विलय का फरमान बैंक प्रबधन द्वारा लिया गया है। इसके बाद इस बैंक की शाखा में ताला लगा दिया गया है। इससे दस हजार खाताधारकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। व्यापारियों व बड़े खाता धारकों ने बैंक प्रबंधन के तुगलकी फरमान को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने केसरगंज सांसद बृज भूषण शरण सिंह व जिलाधिकारी से विलय आदेश को निरस्त किए जाने की मांग की है। 
सांसद ने भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि बैंक प्रबंधन द्वारा लिए गए ऐसे निर्णय से केंद्र सरकार की मंशा पर पानी फेरने का काम किया जा रहा है। यह हाल तब है जब 50 साल पुरानी मुख्य शाखा को व्यवसाय में यह शाखा टक्कर दे रही है। 
मुख्य शाखा का व्यवसाय 95 करोड़ है, जबकि इस शाखा का व्यवसाय 85 करोड़ है। कहा गया है कि ऋण वितरण के मामले में मुख्य शाखा द्वारा 12 करोंड़ जबकि इस शाखा द्वारा 07 करोड़ का ऋण दिया गया है। ऐसे में जनहित को ध्यान में रखते हुए बैंक बंदी को रोकने के साथ ही साथ गलत तथ्यों के आधार पर आख्या प्रस्तुत कर बैंक बंदी की संस्तुति करने वाले अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिये। 
भाजपा जिलाध्यक्ष शिव नारायण तिवारी, बलरामपुर से सदर विधायक पलटू राम, उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्थान जिला बार एसोसिएशन ने गवर्नर को पत्र भेजकर बैंक बंदी के आदेश को रोकने के साथ गलत तथ्यों के आधार पर शाखा बंदी की संस्तुति करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
ग्राहकों को होगी दिक्कत 
बैंक के बड़े खाताधारक आरएन पांडे हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार पांडे ने बताया कि लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज स्थित शाखा बंद हो जाने से उन्हें काफी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। उनकी संस्था का प्रतिमाह एक करोड़ रुपये का इसी बैंक के जरिए लेन-देन होता था है। उनके कार्यस्थल से शाखा की दूरी करीब 300 मीटर थी। अब प्रतिदिन चार किलोमीटर कैश ले जाने में सुरक्षा की दृष्टि से काफी असुविधा होगी। उन्हें मजबूरन सेंट्रल बैंक से नाता तोड़ना पड़ेगा।
रीजनल मैनेजर बोले 

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल मैनेजर सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि जिस दिन एलबीएस की शाखा बंद की गई है। उस दिन पूरे प्रदेश में करीब 12 ब्रांच बंद हुई है। यह मेरा निर्णय नहीं बल्कि बोर्ड का निर्णय था कि जिन ब्रांच ओके इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलप नहीं है उन्हें या तो डिवेलप किया जाए या फिर उन्हें बंद किया जाए। दूसरी तरफ कॉलेज प्रबंधन द्वारा लीगल नोटिस भी दी गई थी कि भवन को खाली किया जाए। कॉलेज के जिस कमरे में यह शाखा चल रही थी वह बहुत ही छोटा था।
बरसात के दिनों में उसमें पानी टपकता था। कॉलेज के पूर्व सचिव द्वारा बगल में बड़ा हाल बनाकर देने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में हाल न देकर बल्कि वर्तमान प्रबंध तंत्र द्वारा लीगल नोटिस दी गई थी।

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