Tuesday, April 7, 2026
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गुजरात से कानपुर आ रही पहली प्रोटोटाइप मेट्रो ट्रेन, जनवरी 2022 में जनता को मिलेगी सौगात

– मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से अनावरण कर यूपीएमआरसी व ट्रेन निर्माता कंपनी को दी बधाई

– मेट्रो ट्रेन का फर्स्ट लुक जारी होते ही सोशल मीडिया के साथ जनता के बीच बढ़ी चर्चाएं व उत्सुकता

कानपुर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के औद्योगिक नगरी कानपुर में मेट्रो ट्रेन चलाए जाने का सपना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जल्द साकार होने जा रहा है। मेट्रो संचालन का कार्य यहां लगभग अपने अंतिम दौर में हैं और गुजरात से शनिवार को ‘मेक इन इंडिया’ के तहत तैयार पहली प्रोटोटाइप मेट्रो ट्रेन को कानपुर के लिए रवाना कर दिया गया है।

गुजरात से कानपुर आ रही पहली प्रोटोटाइप मेट्रो ट्रेन, जनवरी 2022 में जनता को मिलेगी सौगात

कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत आईआईटी से मोतीझील के बीच 09 किमी. लम्बे प्राथमिक सेक्शन पर चलने वाली मेट्रो ट्रेन गुजरात के वड़ोदरा स्थित सावली मैनुफैक्चरिंग प्लान्ट में तैयार की गई है। आज पहले ट्रेन सेट को कानपुर के लिए रवाना करने का अनावरण उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया। पहली प्रोटोटाइप मेट्रो ट्रेन को गुजरात से यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव उपस्थिति में कानपुर के लिए रवाना किया गया।

मेट्रो ट्रेनें ‘मेक इन इंडिया’ की मुहिम की बढ़ी मिसाल

प्रबंध निदेशक कुमार केशव इस अवसर पर यूपीएमआरसी की टीम को बधाई देते हुए कहा, “आत्मनिर्भर भारत की मुहिम के तहत कानपुर मेट्रो की ट्रेनें पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ हैं। इन्हें निर्माता कंपनी मेसर्स ऐल्सटॉम इंडिया के सावली (गुजरात) प्लान्ट में तैयार किया जा रहा है। समय की बचत के लिए यूपीएमआरसी ने मेट्रो ट्रेनों (रोलिंग स्टॉक्स) और सिग्नलिंग सिस्टम का एकीकृत अनुबंध किया था ताकि ट्रेनों की डिलिवरी कम से कम समय में सुनिश्चित की जा सके।

कोविड की चुनौती को मात दे, तैयार की मेट्रो ट्रेन

कानपुर में मेट्रो कार्य के दौरान कोविड-19 की विषम परिस्थितियों के बावजूद, ट्रेनों की मैनुफैक्चरिंग का कॉन्ट्रैक्ट अवॉर्ड होने की तिथि से सिर्फ 14 महीने के भीतर पहली ट्रेन की डिलिवरी की जा रही है, जो अपने आप में एक उपलब्धि है। कॉन्ट्रैक्ट अवॉर्ड होने के बाद 26 फरवरी, 2021 को इन ट्रेनों की मैनुफैक्चरिंग का शुभारंभ हुआ था और बहुत ही कम समय में तैयार होकर अब कानपुर के लिए आ रही है।

ट्रायल को लेकर कही जा रही प्रोटोटाइप ट्रेन

गुजरात से पहली प्रोटोटाइप ट्रेन कानपुर के लिए निकल चुकी है। पहली ट्रेन को प्रोटोटाइप ट्रेन इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इसी ट्रेन के साथ पॉलिटेक्निक डिपो में टेस्टिंग की जाएगी। कानपुर के प्राथमिक सेक्शन के लिए 08 मेट्रो ट्रेनें और कानपुर के दोनों कॉरिडोर को मिलाकर कुल 39 ट्रेनें आएंगी, जिनमें से प्रत्येक में 03-03 कोच होंगे।”

कानपुर मेट्रो ट्रेनों की विशेषताएं

– इन ट्रेनों में ‘रीजेनरेटिव ब्रेकिंग’ का फीचर होगा, जिसकी मदद से ट्रेनों में लगने वाले ब्रेक्स के माध्यम से 45 प्रतिशत तक ऊर्जा को रीजेनरेट करके फिर से सिस्टम में इस्तेमाल कर लिया जाएगा। वायु-प्रदूषण को कम करने के लिए इन ट्रेनों में अत्याधुनिक ‘प्रॉपल्सन सिस्टम’ भी मौजूद होगा।

– इन ट्रेनों में कार्बन-डाई-ऑक्साइड सेंसर आधारित एयर कंडीशनिंग सिस्टम होगा, जो ट्रेन में मौजूद यात्रियों की संख्या के हिसाब से चलेगा और ऊर्जा की बचत करेगा।

– ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन को ध्यान में रखते हुए ये ट्रेनें संचारित आधारित ट्रेन नियंत्रण प्रणाली से चलेंगी।

– कानपुर मेट्रो की ट्रेनों की यात्री क्षमता 974 यात्रियों की होगी।

– इन ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 90 किमी./घंटा और ऑपरेशन स्पीड 80 किमी./घंटा तक होगी।

– ट्रेन के पहले और आखिरी कोच में दिव्यांगजनों की व्हीलचेयर के लिए अलग से जगह होगी। व्हीलचेयर के स्थान के पास ‘लॉन्ग स्टॉप रिक्वेस्ट बटन’ होगा, जिसे दबाकर दिव्यांगजन ट्रेन ऑपरेटर को अधिक देर तक दरवाजा खुला रखने के लिए सूचित कर सकते हैं ताकी वे आराम से ट्रेन से उतर सकें।

– ट्रेनों में फायर एस्टिंग्यूशर (अग्निशमन यंत्र), स्मोक डिटेक्टर्स और सीसीटीवी कैमरे आदि भी लगें होंगे।

– कानपुर की मेट्रो ट्रेनें थर्ड रेल यानी पटरियों के समानान्तर चलने वाली तीसरी रेल से ऊर्जा प्राप्त करेंगी, इसलिए इसमें खंभों और तारों के सेटअप की आवश्यकता नहीं होगी और बुनियादी ढांचा बेहतर और सुंदर दिखाई देगा।

– इन ट्रेनों को अत्याधुनिक फायर और क्रैश सेफ्टी के मानकों के आधार पर डिजरइन किया गया है।

– हर ट्रेन में 24 सीसीटीवी कैमरे होंगे, जिनका विडियो फीड सीधे ट्रेन ऑपरेटर और डिपो में बने सेंट्रल सिक्यॉरिटी रूम में पहुंचेगा।

– हर ट्रेन में 56 यूएसबी (यूएसबी) चार्जिंग प्वाइंट्स भी होंगे।

-इन्फोटेन्मेंट के लिए हर ट्रेन में 36 एलसीडी पैनल्स भी होंगे।

टॉक बैक बटन

इस बटन को दबाकर यात्री आपात स्थिति में ट्रेन ऑपरेटर से बात कर सकते हैं। यात्री की लोकेशन और सीसीटीवी का फुटेज सीधे ट्रेन ऑपरेटर के पास मौजूद मॉनीटर पर दिखाई देगा।

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