-कब्जा मुक्त भूमि पर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स और पार्क बनाने की नगर निगम की तैयारी
गाजियाबाद (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में माफिया के खिलाफ सख्त करवाई कर उनके कब्जे से सम्पत्ति मुक्त कराने का अभियान लगातार चल रहा है। गाजियाबाद नगर निगम पिछले दो वर्षों से भूमाफिया पर शिकंजा कसे हुए है। नगर निगम पिछले दो वर्षों के दौरान गाजियाबाद शहर से दो हजार करोड़ रुपये की जमीन न केवल माफिया के कब्जे से छुड़ा चुका है, बल्कि उस पर दोबारा कोई भूमाफिया कब्जा न कर सके इसका भी पुख्ता इंतजाम कर चुका है।
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर बताते हैं कि नगर निगम का उद्देश्य अपनी एक-एक इंच भूमि माफिया के कब्जे से मुक्त कराना है। इसलिए नगर निगम पिछले दो वर्षों से अभियान चला रहा है। अभी तक नगर निगम माफिया के कब्जे इसे करीब 60 हेक्टेयर भूमि मुक्त करा चुका है, बाजार में इस भूमि का मूल्य दो हजार करोड़ से ज्यादा है। निगम की गई इस सफलता पर नगर आयुक्त बताते हैं कि इस भूमि पर भूमाफिया पुनः कब्जा न करे, यह भी निगम के सामने बड़ी चुनौती है। इसके लिए निगम ने एक बड़ी कार्ययोजना बनाई है।
तंवर ने बताया कि कब्जा मुक्त कराई गई भूमि की यथासम्भव चारदीवारी कराई गई है। साथ ही इस भूमि पर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स, पार्क एवं निगम प्लाजा बनाने की योजना नगर निगम ने तैयार की है। इस सम्बंध में एक प्रस्ताव स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। जैसे ही शासन स्तर से इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाएगी, वैसे ही योजना पर बिना देरी के कार्य शुरू कर दिया जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए जमीन की जरूरत है। इसके चलते निगम अपनी वर्कशॉप, वाहन खड़ी करने के लिए पार्किंग, गोदाम आदि का निर्माण भी माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि पर ही करेगा।
तंवर ने बताया कि जमीन को भूमाफिया से बचाने के लिए जिओ फेंसिंग गूगल मैपिंग कराकर डेटा बेस तैयार किया जा रहा है। जिओ फेंसिंग गूगल मैपिंग वहां कराई जा रही है, जहां पर नगर निगम धनाभाव के कारण चारदीवारी नहीं करा पा रहा है। उन्होंने कहा कि माफिया को मुक्त कराई गई जमीन पर किसी भी सूरत में पुनः कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।
फरमान अली
