गाजियाबाद (हि.स.)। अधिगृहीत की गई भूमि का बढ़ा हुए मुआवजे का भुगतान कराने की मांग को लेकर सदरपुर गांव के किसानों ने सोमवार को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) का घेराव किया। किसानों ने जीडीए के दोनों गेटों के बाहर ट्रेक्टर खड़े कर दिए और धरने पर बैठ गए। धरना देने के दौरान अधिकारियों ने किसानों से वार्ता की। इसके बाद किसान वापस चले गए।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर चौधरी व किसान नेता तेजवीर सिंह के नेतृत्व में किसान ट्रैक्टरों में सवार होकर जीडीए पहुंचे और उसके मुख्य द्वार के बाहर ट्रैक्टर खड़े करके धरना शुरू कर दिया। इसके साथ ही किसानों ने नवयुग मार्केट द्वार भी बंद कर दिया।
इस दौरान उन्होंने जीडीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में जीडीए उपाध्यक्ष के बाहर होने के कारण अधिकारियों के साथ किसानों की बैठक हुई जिसमें अधिकारियों ने अगले सोमवार तक का समय किसानों से मांगा। अधिकारियों के बीच हुई वार्ता में तय हुआ कि जब तक वार्ता का कोई हल ना निकले, तब तक जीडीए मधुबन बापूधाम आवासीय योजना में कोई कार्य नहीं करेगा।
राजवीर सिंह ने बताया कि मधुबन बापूधाम योजना में करीब 2200 किसानों की जमीन जीडीए द्वारा अधिग्रहित की गई थी जिसमें किसानों ने करार के तहत मुआवजा उठा लिया था जबकि कुछ कोर्ट की शरण में चले गए थे। बाद में कोर्ट ने 1100 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर निर्धारित की। लेकिन जीडीए ने अभी तक बढ़े हुए मुआवजे का भुगतान नहीं किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के मुआवजे का भुगतान जल्द ही किया गया तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। धरने पर प्रदीप शर्मा, धर्मपाल सिंह, रामनाथ, रामकुमार आदि शामिल हुए।
