गाजियाबाद(हि.स.)। मुरादनगर के उखरालसी श्मशान घाट में घटी घटना से सबक लेते हुए नगर निगम ने अपने संसाधनों को दुरुस्त करने और भ्रष्टाचार रहित व्यवस्था बनाने के लिए अब इंटरप्राइजेज रिसोर्स प्लान (ईआरपी) लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस प्लान के तहत नगर निगम की तमाम संसाधनों की जानकारी एक क्लिक दबाने पर मिल जाएगी। साथ ही नगर निगम के ठेकेदारों के भुगतान व अन्य कार्य भी सिंगल विंडो सिस्टम के दायरे में आ जाएंगे।
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि इससे नगर निगम में संभावित कमीशनखोरी पर भी अंकुश लगेगा। एक अप्रैल से ईआरपी शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। नगर आयुक्त ने शुक्रवार को बताया कि इसके लिए एक सॉफ्टवेयर भी बनवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी तक नगर निगम बड़ा संस्थान होने के बावजूद संसाधनों को लेकर व्यवस्थित नहीं है जिस कारण भ्रष्टाचार व कमीशन खोरी को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने बताया कि नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया जाएगा क्योंकि सबसे ज्यादा अव्यवस्थित स्वास्थ्य विभाग ही है।
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था में नगर निगम के पास चल-अचल संपत्ति, वाहन, उन पर होने वाला खर्च, विकास कार्यों और उनके बारे में ब्योरा एक क्लिक दबाते ही सामने आ जाएगा जिससे नगर निगम की पारदर्शिता बढ़ेगी। नगर आयुक्त ने बताया कि इसी कड़ी में नगर निगम ने पहले ही करीब 500 वाहनों को सीएनजी में परिवर्तन करने का निर्णय भी लिया था। इससे आए दिन डीजल की चोरी जैसी जटिल समस्या हल हो जाएगी और नगर निगम को सालाना करोड़ों रुपये की बचत होगी।
गाजियाबाद नगर निगम ने लिया शमशान घाट हादसे से सबक, लागू होगी ईआरपी व्यवस्था
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