गाजियाबाद (हि.स.)। रुके विकास कार्यों को पूरा करने के लिए गाजियाबाद नगर निगम 150 करोड के बाॅण्ड जारी करेगा। इस संबंध में देश की नामी सर्वे एजेन्सियांे से परामर्श के लिए नगर निगम सम्पर्क कर रहा है।
नगर आयुक्त महेन्द्र सिंह तंवर ने गुरुवार को बताया कि 2019 में नगर निगम ने बाॅण्ड जारी करने का फैसला किया था, लेकिन बीच में चुनावी आचार संहिता व कोविद 19 के कारण बाॅण्ड जारी नहीं हो पाए। उत्तर प्रदेश शासन 2019 में लखनऊ नगर निगम और गाजियाबाद नगर निगम को बाॅण्ड जारी करने की अनुमति पहले ही दे चुका है। बाॅण्ड के जरिए जो पैसा एकत्र होगा उस पैसे सेे सीवर के पानी को रिसाइकिल कर शुद्ध व पीने योग्य बनाया जाएगा। यही पानी फिर महानगर व औधोगिक क्षेत्रों में सप्लाई होगा। नगर आयुक्त ने बताया कि यह बाॅण्ड सेबी के मानकों के अनुसार ही जारी होंगेे। बाॅण्ड जारी करने के लिए सबसे पहले फाइनेन्शियल ग्रेडिंग तैयार की जाती है। इसके लिए देश की कई एक्सपर्ट एंजेंसियों से इस संबंध में बातचीत चल रही है। उन्होने बताया कि अहमदाबाद नगर निगम ने भी अपने विकास कार्यों को पूरा करने के लिए इसी प्रकार के बाॅण्ड जारी किए थे। इसलिए अहमदाबाद नगर निगम से भी जानकारी हासिल की जा रही है। यह बाॅण्ड कितने दिनों के लिए जारी किया जाएगा। इसका फैसला तीन नवंबर को होने वाली नगर निगम बोर्ड बैठक में लिया जा सकता है। बाॅण्ड जारी करने से नगर निगम को आर्थिक तंगी से भी मुक्ति मिल जाएगी और शहर के विकास कार्यों को भी समय से पूरा किया जा सकेगा। यदि नगर निगम बाॅन्ड जारी करने मे ंसफल हो जाता है तो अहमदाबाद नगर निगम के बाद गाजियाबाद नगर निगम देश का दूसरा और उत्तर प्रदेश का पहला नगर निगम होगा जो विकास कार्यों को पूरा करने के लिए पब्लिक इश्यू ला रहा है।
गाजियाबाद नगर निगम जारी करेगा 150 करोड रुपए के बाॅण्ड
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