गाजियाबाद (हि.स.)। कहते हैं कि यदि इंसान के अंदर कुछ नया करने की इच्छा हो और दृढ़ निश्चय के साथ वह उसपर अमल करे तो कोई वजह नहीं कि उसे कामयाबी न मिले। गाजियाबाद नगर निगम (जीएमसी) कुछ ऐसा ही करके शहर की सुंदरता को चार चांद लगा रहा है। इन दिनों जीएमसी कबाड़ से जुगाड़ (वेस्ट से बेस्ट) के आधार पर शहर में सौंदर्यीकरण कर रहा है। विभिन्न पार्कों में कबाड़ से बनाये गए गमले एवं अन्य उत्पाद इन दिनों लोगों के न केवल आकर्षण बल्कि प्रेरणा भी बन रहे हैं।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार कहते हैं कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर की सुंदरता को बढ़ाते हुए कई योजनाएं बनाई गईं, जिसमें से वेस्ट से बेस्ट बनाने की मुहिम भी चलाई जा रही है। इससे शहर के कई मुख्य चौराहों एवं स्थानों पर कचरे से बने हुए आकर्षक वस्तुओं को लगाया गया है। शहर में अवैध रूप से लगे हुए बैनर, फ्लेक्स, होर्डिंग्स जो कि शहर की सुंदरता को क्षति पहुंचाते हैं उनको हटवा कर उनसे थैले बनाने का कार्य कराया जा रहा है। साथ ही उन थैलों का बेहतर इस्तेमाल किया जा रहा है।
उद्यान प्रभारी/एसबीएम लिंक नोडल ऑफिसर डॉ. अनुज कुमार सिंह का कहना है कि शहर की कई पार्कों में पुरानी वेस्ट बोतल, प्लास्टिक के डिब्बे ड्रम तथा टायरों का इस्तेमाल करते हुए उनमें छोटे-छोटे पौधे लगाए गए हैं। साथ ही उन्हें पार्कों की सुंदरता के लिए इस्तेमाल में लाया गया है जिससे ना केवल पार्कों की सुंदरता से शहरवासियों को लाभ मिलेगा बल्कि कचरे का भी समाधान हो रहा है। शहर के निवासियों द्वारा इस एक्टिविटी में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जा रहा है तथा अपने घर के अंदर भी बालकनी इत्यादि में वेस्ट से बेस्ट बनाने की तैयारी चल रही है।
नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि वेस्ट से बेस्ट बनाने में ना केवल गाजियाबाद नगर निगम की टीम जुटी हुई है बल्कि क्षेत्रीय निवासियों के सहयोग से पार्षदों का अभी विशेष रुझान देखने में आया है। कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी पुरानी चीजों का इस्तेमाल करते हुए सुंदर आकर्षक वस्तुएं बनाई गई हैं। इससे कचरे के निष्पादन के साथ-साथ शहर का सौंदर्यीकरण भी हो रहा है। गाजियाबाद नगर निगम स्क्रैप एवं अन्य पुरानी खराब वस्तुओं का इस्तेमाल कर आकर्षक चीजें बनाने की योजनाएं बना रहा है, जो कि जल्द ही शहर के चौराहों, मुख्य स्थानों पर सेल्फी प्वाइंट का काम करेंगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की टीम बनाकर निर्देश दिए जा चुके हैं।
फरमान अली
