Wednesday, January 14, 2026
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गांवों के बिना प्रदेश के विकास की कल्पना नहीं, बड़े कस्बों को नगर निकाय में बदला: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट 2021-22 पर चर्चा के दौरान विधानसभा में बुधवार को कहा कि गांव हमारे मिनी सचिवालय व विकास के आधार स्तम्भ हैं। इसके बिना प्रदेश और देश के विकास की कल्पना भी नहीं कर सकते। हमने बड़े कस्बों में तब्दील हो चुके गांवों को नगर निकाय के रूप में बदलने का कार्य किया।
इस दौरान उन्होंने कहा, ‘सागर की अपनी क्षमता है, पर मांझी भी कब थकता है। जब तक सांसों में स्पन्दन है, उसका हाथ नहीं रुकता है। इसके ही बल पर कर डाले, सातों सागर पार।’ उन्होंने कहा कि यही उत्तर प्रदेश के विकास का है आधार। यहां एक-एक तबके के लिए हर स्तर पर व्यवस्था है।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना को बेहतर बनाने की कवायद
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत भी हम उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने जा रहे हैं। इसके लिए हम लोगों ने बजट में प्रावधान किया है। वहीं 2019-20 में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत 06 विभिन्न श्रेणियों में 15,000 बालिकाओं को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी। इस बार भी 1,200 करोड़ की व्यवस्था इस योजना को और बेहतर बनाने के लिए गई है।
महिला सशक्तीकरण के लिए हर विधानसभा स्तर पर कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि 08 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। इस अवसर पर महिला सशक्तीकरण के लिए हर विधान सभा व जनपद स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार कार्ययोजना बना रही है। कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए केन्द्र सरकार की कई योजनाएं पहले से ही थीं। मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना से प्रदेश सरकार अपने स्तर पर भी कुपोषित बच्चों व बालिकाओं को चिह्नित करेगी।
सभी भर्तियां पारदर्शी तरीके से करने का किया काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में वृद्धावस्था, दिव्यांगजन, निराश्रित महिला पेंशन की योजनाओं के 87,00,000 लाभार्थी हैं। साथ ही प्रदेश में बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1,535 स्थानों व 350 तहसीलों में महिला हेल्प डेस्क के निर्माण की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। प्रदेश में चार वर्ष के अंदर 04 लाख नौजवानों को नौकरियां दी गई हैं। आज उप्र लोक सेवा आयोग, प्रदेश में अधीनस्थ चयन सेवा आयोग, पुलिस भर्ती को कोई कठघरे में नहीं खड़ा कर सकता है। सभी भर्तियां पारदर्शी तरीके से हुई हैं।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से लाखों युवा जुड़े, दूसरे राज्यों में भी मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और दक्षता को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की शुरुआत की है। पहले चरण में हर कमिश्नरी स्तर पर नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है। अब तक इस योजना से लाखों युवा जुड़ चुके हैं, दूसरे राज्यों में भी इसकी मांग हो रही है। वहीं मेरठ में एक स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय के लिए धनराशि का प्रावधान बजट में किया गया है। प्रदेश में खेल की संभावनाओं को कई गुना बढ़ाने का कार्य यह विश्वविद्यालय करेगा। 
5.50 लाख से अधिक गो-वंश संचालित 
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5.50 लाख से अधिक गो-वंश अब तक शासन द्वारा संचालित गो-आश्रय स्थलों में हैं। 78,000 गो-वंश को हम लोग सहभागिता योजना के अंतर्गत गो-पालकों को सौंप चुके हैं, जिन्हें हर महीने 900 रुपये प्रदान किया जा रहा है। 
इसके साथ ही बजट में अधिवक्ताओं के लिए भी व्यवस्था की गई है। जनपद स्तर पर अधिवक्ताओं के चैम्बर्स, कॉर्पस फंड, पत्रिकाओं व पुस्तकों के क्रय के लिए बजट में व्यवस्था की गई है। हमने निर्णय किया है कि 02 करोड़ श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी के साथ 02 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।
अटल आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था 
प्रदेश सरकार ने पहले ही संगठित क्षेत्र के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था की है। हमारा प्रयास है कि यह विद्यालय इस सत्र में प्रारंभ हो जाएं। बच्चों को एनसीईआरटी की तर्ज पर आधुनिक शिक्षा देने के लिए विद्यालय 18 कमिश्नरी में निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में स्वदेशी गो-वंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए गोकुल मिशन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। बजट में इसका प्रावधान है। वाराणसी में पहले से ही भारत सरकार के सहयोग से यह कार्य आगे बढ़ रहा है।
बिना किसी अतिरिक्त टैक्स के 91,568 करोड़ वाणिज्य कर पहुंच
प्रदेश की आय बढ़ाने में व्यापारियों की अहम भूमिका है। 2016-17 में प्रदेश को वाणिज्य कर की कुल प्राप्ति 51,800 करोड़ हो पाती थी। आज पारदर्शिता के कारण बिना किसी अतिरिक्त टैक्स के 91,568 करोड़ वाणिज्य कर पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि हमने व्यवस्था की है जो भी व्यापारी जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन करवाएगा, वह चाहे रिटर्न में भरकर दे कि उसका टर्नओवर नहीं है, उसे प्रदेश सरकार 10 लाख की सामाजिक सुरक्षा गारंटी उपलब्ध करा रही है।
कोविड के दौरान कर्मचारियों के वेतन में कोई कटौती नहीं
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर रविवार को हर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का आयोजन हो रहा है। इस मेले में आरोग्यता के साथ ही सरकार की योजनाओं का लाभ देने के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। भारत के प्रति नागरिक के संकल्प को देखें तो हर व्यक्ति समस्त लोगों के सुखमय जीवन की ही बातें करता है, यही हमारा भी संकल्प है। उन्होंने कहा कि वहीं कोविड के दौरान हर कर्मचारी को समय से वेतन मिला है, कोई कटौती नहीं की गई। आज बेरोजगारों के लिए भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चल रही है। कोरोना वॉरियर्स व हेल्थ वर्कर्स ने कोरोना कालखंड में बेहतर कार्य किया।
‘बजट पर चर्चा’ मात्र प्रदेश के विकास का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बजट पर चर्चा’ मात्र सरकार का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास का रोडमैप भी है। एक बेहतर, विकासोन्मुखी, प्रदेश के सर्वसमावेशी और समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए ये बजट प्रस्तुत किया गया है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश के समग्र और समावेशी विकास में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने पूरे सदन को होली और रामनवमी की अग्रिम शुभकामनाएं भी दी। 

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