Friday, April 3, 2026
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गर्भवती महिला की हत्या व लूट के दोषी देवर को आजीवन कारावास

फिरोजाबाद (हि.स.)। अपर सत्र न्यायालय ने बुधवार को गर्भवती महिला की हत्या व लूट के दोषी देवर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर एक लाख, बीस हजार रुपए का अर्थ दंड लगाया। अर्थ दंड न देने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने अर्थदंड की धनराशि में से 50-50 हजार रुपए मृतका की दोनों पुत्रियों को देने के आदेश दिए है।

मामला थाना दक्षिण क्षेत्र का है। 6 अगस्त 1994 की रात्रि मिथलेश पुत्री रामसनेही राठौर गली नं० 7 मौहल्ला करबला अपने चाचा चन्द्रप्रकाश के घर सोने गयी थी। घर पर उसकी माँ सूरजमुखी उसकी बहन सर्वेश उम्र दो वर्ष के साथ अकेली सो रही थी। उसके पिताजी रुड़की चूड़ी के व्यापार के सम्बन्ध में 15 दिन पहले गये थे। सात अगस्त की सुबह जब वह घर आयी तो देखा उसकी माँ चारपाई पर मृत पड़ी थी। एक कमरे का कुन्दा टूटा हुआ है एवं कनस्तर की दाल फैली पड़ी है। एक कनस्तर जिसमें चावल में 1700 रूपये रखे थे वह गायब थे। मिथलेश की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान मृतका के भाई बलवीर सिंह राठौर द्वारा पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर मृतका के देवर चन्द्रप्रकाश एवं उसके साथीगण के विरूद्ध हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने जांचोपरांत मृतका के देवर चंद्रप्रकाश पुत्र देवलाल निवासी मौहल्ला करबला व मोहर सिंह उर्फ मुन्ना राठौर पुत्र द्वारिका प्रसाद निवासी सुदामा नगर थाना उत्तर के विरुद्ध हत्या व लूट की धारा में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।

मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 11, विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र रविन्द्र कुमार की अदालत में चला। अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक नरेन्द्र राठौर व ललित बघेल ने बताया मुकदमे के दौरान सात गवाहों ने गवाही थी। कई साक्ष्य न्यायालय के सामने प्रस्तुत किए गए। गवाहों की गवाही तथा साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने चंद्रप्रकाश को दोषी माना। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर पर एक लाख बीस हजार रुपया का अर्थ दंड लगाया है। अर्थ दंड न देने पर दोषी को एक वर्ष के कारावास की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने अर्थ दंड की धनराशि में से 50-50 हजार रुपए मृतका की दोनों पुत्रियों मिथलेश व सर्वेश को प्रदान करने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में मोहर सिंह उर्फ मुन्ना राठौर को दोषमुक्त किया है।

कौशल /मोहित

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