Saturday, April 4, 2026
Homeउत्तर प्रदेशगंगा सप्तमी पर काशी के सभी घाटों पर सामूहिक सूर्य अर्ध्यदान होगा

गंगा सप्तमी पर काशी के सभी घाटों पर सामूहिक सूर्य अर्ध्यदान होगा

देव दीपावली और गंगा आरती की तरह इसे भव्य रूप देने के लिए विभिन्न संगठन जुटे

वाराणसी (हि.स.)। गायत्री तीर्थ शान्तिकुंज हरिद्वार एवं युवा प्रकोष्ठ उपजोन, वाराणसी के संयुक्त पहल पर काशी के सभी घाटों पर गंगा सप्तमी (08 मई) को सामूहिक सूर्य अर्ध्यदान का आयोजन किया गया है। इसमें दस हजार से अधिक युवा भागीदारी करेंगे। युवा प्रकोष्ठ वाराणसी एवं गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट की अगुवाई में गंगा सप्तमी के पूर्व संध्या पर विराट जन —जागरण दीप महायज्ञ सायंकाल सात बजे से किया जायेगा। इसमें चौबीस हजार दीये प्रज्जवलित किये जायेंगे।

बुधवार को पराड़कर भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कार्यक्रम संयोजक पं.गंगाधर उपाध्याय,केन्द्रीय देव दीपावली के वागीश दत्त मिश्र,समाजोत्कर्ष समिति के अध्यक्ष आलोक पारिख ने संयुक्त रूप से ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रति कुलपति एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ के प्रमुख चिन्मय पाण्ड्या,भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य भी भाग लेंगे। आलोक पारिख ने बताया कि राजघाट पर बने विशाल मंच से सामूहिक सूर्य अर्ध्यदान का संचालन किया जायेगा।

अर्ध्यदान को सफल बनाने के लिए केन्द्रीय देव दीपावली महासमिति, पहल समाजोत्कर्ष समिति, काशी विश्वनाथ दल, नाविक समाज,गुजराती समाज, काशी बंगीय समाज आदि का भी सहयोग मिल रहा है। सामूहिक सूर्य अर्घ्यदान को विश्व स्तरीय स्वरूप प्रदान करने का पूरा प्रयास चल रहा है। पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं परम्परा का संदेश देना कार्यक्रम का उद्देश्य है। विश्व स्तरीय कार्यक्रम युवाओं में भारतीय संस्कृति, सभ्यता एवं भारतीय परम्परा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगा।

उन्होंने बताया कि दस सहस्त्र युवाओं द्वारा गंगाघाटों पर सामूहिक सूर्य अर्घ्यदान भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय का भी सपना था। महामना ने पं.श्रीराम शर्मा आचार्य को गायत्री मंत्र की दीक्षा देने के दौरान इच्छा जताई थी कि दस हजार युवा एक साथ सामूहिक सूर्य अर्ध्यदान काशी के गंगा तट पर करें। अपने गुरु की इस पीड़ा का उल्लेख पं. श्रीराम शर्मा ने अपने पुस्तकों में किया है। महामना के सपने को साकार करने के लिए राजघाट, पं० श्रीराम शर्मा आचार्य घाट, दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट सहित सभी घाटों पर सामूहिक सूर्य अर्ध्यदान होगा। देव दीपावली एवं गंगा आरती की तरह ही इसे भव्यतम रूप देने का प्रयास होगा।

श्रीधर

RELATED ARTICLES

Most Popular