Sunday, April 12, 2026
Homeउत्तर प्रदेशगंगा विलास क्रूज की रवानगी के पहले कर्तव्य गंगा का अहसास कराएंगे...

गंगा विलास क्रूज की रवानगी के पहले कर्तव्य गंगा का अहसास कराएंगे शंकर महादेवन

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में होगा सांस्कृतिक कार्यक्रम, क्रूज पर सवार पर्यटक भी होंगे इसमें शामिल

वाराणसी(हि.स.)। नदी जलमार्ग पर दुनिया की सबसे लंबी यात्रा की शुरुआत 13 जनवरी को वाराणसी से हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लग्जरी क्रूज गंगा विलास को वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर कर वाराणसी से डिब्रूगढ़ के लिए रवाना करेंगे। क्रूज के रवानगी के पूर्व गुरूवार 12 जनवरी को श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर में संस्कृति मंत्रालय ने सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘सुर सरिता – सिम्फनी ऑफ गंगा’ का आयोजन किया है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में देश के जाने—माने गायक शंकर महादेवन अपनी प्रस्तुति देंगे।

संगीत कार्यक्रम के दौरान गंगा विलास क्रूज में यात्रा करने वाले पर्यटकों सहित शहर के विशिष्ट जन भी सुर तरंगिनियों का आनंद लेने के साथ-साथ, मां गंगा के महत्व तथा उनके प्रति अपनी जिम्मेदारियों से भी परिचित होगें। यह सुर संध्या यह अहसास कराएगा की माँ गंगा कैसे हर भारतीय तथा संपूर्ण मानवता के लिए हैं एक देवी के रूप में पूजनीय है। गंगा विलास क्रूज 51 दिनों की यात्रा में उत्तर प्रदेश, बिहार, बांग्लादेश और असम से गुजरेगा। इन जगहों पर नदी से जुड़ी पौराणिक कथाओं और किंवदंतियों का अपना इतिहास रहा है। इसको देखते हुए इस संगीत कार्यक्रम में अलग-अलग राज्यों से अलग-अलग फ्लेवर देने के लिए गानों को चुना गया है।

असम, बिहार और बंगाल के लोक संगीतकार गंगा, यमुना और ब्रह्मपुत्र नदियों को श्रद्धा भाव प्रदर्शित करने के लिए गायक शंकर महादेवन के साथ शामिल होंगे। लगभग एक घंटे के शो का समापन शंकर महादेवन की ’कर्तव्य गंगा’ की स्तुति के साथ होगा। ’कर्तव्य गंगा’ नदी देवी से वादा करता है कि हर भारतवासी हमेशा उसकी देखभाल करेगा। उसके जल की रक्षा के लिए हम सबलोग सब कुछ करेंगे जैसे वह हमेशा हमारी रक्षा करती रही है । कार्यक्रम के दौरान ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति के माध्यम से नदी, और उसकी चिर स्थायी प्रासंगिकता को प्रदर्शित किया जाएगा।

श्रीधर

RELATED ARTICLES

Most Popular