-गुरुवार शाम भागीरथी क्रूज का इंजन अचानक गंगा के मध्यधार में बंद हो गया था
वाराणसी (हि.स.)। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ के चलते गंगा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। लहरों को चेतावनी बिंदु के समीप पहुंचने पर सुरक्षा कारणों से गंगा में चारों क्रूज का संचालन शुक्रवार से तीन दिन के लिए रोक दिया गया है। अलकनंदा क्रूज़लाइन प्रा.लि. के निदेशक विकास मालवीय ने बताया कि 21 अगस्त तक चारों क्रूज का संचालन प्रबंधन ने स्वतः ही रोका है। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट दशाश्वमेध जोन ने भी इसके लिए निर्देश दिया था।
विकास मालवीय के अनुसार 22 अगस्त को बाढ़ की स्थिति देखकर आगे के संचालन का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अलकनंदा क्रूज़लाइन की सर्वोच्च प्राथमिकता सदैव ही सभी पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधापूर्ण और पूर्णतः सुरक्षित क्रूज़ अनुभव प्रदान करना है।
गत गुरुवार को उफनाई गंगा में ओवरलोडेड भागीरथी क्रूज का इंजन दशाश्वमेघ घाट के सामने बीच धारा में अचानक बंद हो गया,जिससे क्रूज में सवार पर्यटकों में अफरातफरी मच गई। सावधानी वश एनडीआरएफ के जवान भी वहां पहुंच गये। संयोग ही रहा कि इससे कोई हादसा नहीं हुआ। क्रूज में 80 पर्यटक सवार रहे। दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती दिखाने के बाद पर्यटक क्रूज से रविदासघाट लौट रहे थे। मध्य धारा में पहुंचे क्रूज का इंजन अचानक बंद हो गया। इंजन बंद होने के बाद अचानक खड़े हुए क्रूज से गंगा की लहरें टकराने लगी तो क्रूज हिलने लगा। यह देख उस पर सवार पर्यटक घबरा गये। क्रूज प्रबंधन ने तुरंत पास ही से गुजर रहे क्रूज विवेकानंद को रोका। विवेकानंद ने भागीरथी क्रूज को खींच कर रविदास घाट तक पहुंचाया। घाट पर सभी पर्यटकों को सुरक्षित क्रूज से निकाल लिया गया। उधर,गंगा में लगातार बढ़ाव को देख जल पुलिस और एनडीआरएफ भी सतर्क है। पुलिस टीम मोटरबोट से तटवर्ती क्षेत्र में गश्त भी करने लगी है।
श्रीधर
