– नोट को ही आधार बनाकर पुलिस लगा सकती है क्लोजर रिपोर्ट
कानपुर(हि.स.)। कानपुर के तिहरे हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस बीते नौ दिनों से प्रयासरत थी। हत्या का आरोप और किसी पर नहीं परिवार के मुखिया पर था जो पेशे से डाॅक्टर था। 10वें दिन डाॅक्टर का शव गंगा नदी से बरामद हुआ तो तिहरे हत्याकांड के राज को पुलिस दफन मानकर चलने लगी। यह भी सम्भावना है कि हत्या के दौरान अपार्टमेंट में मिले नोट को ही आधार बनाकर पुलिस क्लोजर रिपोर्ट लगा सकती है। हालांकि पुलिस के आलाधिकारी इस दिशा पर स्पष्ट कुछ भी कहने से बच रहे हैं, लेकिन पूरी सम्भावना है कि पुलिस इसी दिशा पर बढ़ चुकी है।
कल्याणपुर के डिविनिटी अपार्टमेंट में बीते तीन दिसम्बर को हुए तिहरे हत्याकांड के मुख्य हत्यारोपित व परिवार के मुखिया डाॅ. सुशील का शव 10वें दिन रविवार को चकेरी थाना क्षेत्र के सिद्धनाथ घाट पर गंगा नदी से बरामद हुआ। शव मिलते ही पुलिस के सामने यह सवाल आ गया कि घटना का खुलासा कैसे किया जाये, क्योंकि परिवार में चार लोग ही रहते थे और चारों अब इस दुनिया में नहीं हैं। पत्नी, बेटे और बेटी की हत्या आरोपित डाॅक्टर ने ही की या अन्य किसी ने। अगर यह मान भी लिया जाये कि डाॅक्टर ने ही पत्नी, बेटे और बेटी की हत्या की तो उसका प्रमाण सिर्फ एक नोट है जो अपार्टमेंट से मिला है। नोट में लिखा था कि कोरोना की तीसरी लहर आ रही है ऐसे में अपने परिवार को मरता हुआ नहीं देखना चाहता। इसीलिए मैं घटना को अंजाम दे रहा हूं। इस नोट के अलावा पुलिस के पास कोई भी सबूत नहीं है। नोट को डाॅक्टर ने ही लिखा है किसी अन्य ने यह भी सवाल है। हालांकि नोट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। ऐसे में अब पूरी सम्भावना है कि पुलिस उसी नोट को आधार बनाकर क्लोजर रिपोर्ट लगा सकती है और तिहरे हत्याकांड के राज सदैव के लिए दफन हो जाएंगे।
अंतिम बार अटल घाट पर दिखा था
अब तक पुलिस जिस अनुमान पर काम कर रही थी वह सही निकला। घटना के बाद डाॅक्टर अंतिम बार सीसीटीवी में अटल घाट पर दिखाई दिया था। पुलिस ने जब अटल घाट के फुटेज चेक किये तो वह घाट पर जाता तो दिख रहा है लेकिन घाट से वापस आने का कोई वीडियो नहीं मिला था। वह कई बार नदी के पास जाता और लौटता दिख रहा था। तब से पुलिस का उसके गंगा नदी में कूदने का अंदेशा था। तभी से डीसीपी वेस्ट बीबीजीटीएस मूर्ती ने अपनी टीमों को तलाशी और तेज करने के लिये लगाया था।
बीच धारा में उतराता मिला शव
रविवार को एक बार फिर पुलिस व गोताखोरों ने गंगा में चेकिंग शुरू की तो सिद्धनाथ घाट के पास नदीं की बीच धारा में पुलिस को एक शव उतराता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने मोटरबोट से जब पास जाकर देखा तो वह शव डाॅक्टर सुशील का निकला। कई दिनों से पानी में पड़े होने के कारण शव काफी खराब हो चुका था। खोज में लगी पुलिस टीमों की सूचना पर डीसीपी वेस्ट बीबीजीटीएस मूर्ती भी मौके पर पहुंचे और शव को निकलवाकर बाहर लाए।
जामा तलाशी में डाॅक्टर का मोबाइल फोन, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस डीएल, कार व फ्लैट की चाभी व मोबाइल फोन भी बरामद हो गया है। पुलिस शव की और अधिक पुष्टि के लिए उसका डीएनए टेस्ट भी करायेगी।
यह थी घटना
घटनाक्रम के मुताबिक थाना कल्याणपुर स्थित डिविनिटी अपार्टमेंट में शुक्रवार तीन दिसम्बर को घटित घटना में डॉ सुशील कुमार की पत्नी चन्द्रप्रभा (48), पुत्र शिखर सिंह (18) व, पुत्री खुशी सिंह (16) की हत्या हुई थी। जिसमें डॉ सुशील कुमार द्वारा लिखे गए तीनों की हत्या के कुबूलनामे के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इसके साथ ही पुलिस घटना के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस को अभी तक घटनास्थल से एक डायरी में लिखा नोट मिला है जिसमें डॉ सुशील कुमार द्वारा परिवार की हत्या व अन्य बातें लिखी हैं। परिवार के अनुसार डॉ सुशील कुछ समय से डिप्रेशन में थे। घटना के बाद से गायब चल रहे आरोपित डॉ सुशील कुमार की तलाश की जा रही थी।
पुलिस आयुक्त का कहना
पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने बताया कि डाक्टर का शव मिलने की जानकारी हुई है। डीसीपी वेस्ट ने शव निकलवाया है। एफएसएल की टीम के साथ वह भी पहुंच रहे हैं। तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद से आरोपित फरार था।
अजय/दीपक
