-वार्ता से असंतुष्ट समाज के लोगों ने क्रूज का घेराव कर विरोध जताने का लिया निर्णय
वाराणसी (हि.स.)। गंगा नदी में वाटर टैक्सी और लक्जरी क्रूज चलाने के विरोध में मांझी समाज के लोग लामबंद हो गए हैं। मंगलवार को गंगा में नौका संचालन बंद कर समाज के लोगों ने दशाश्वमेध घाट पर जमकर प्रदर्शन किया। सूचना पर जिलाधिकारी एस.राजलिंगम भी डीसीपी काशी जोन और अन्य अफसरों के साथ दशाश्वमेधघाट पर पहुंचे और माझी समाज के लोगों से वार्ता की। वार्ता में शामिल प्रमोद मांझी ने अपनी बात रखी और कहा कि गंगा में चल रहे क्रूज से पहले ही नाविक समाज की आर्थिक स्थिति खराब है। इसके बाद वाटर टैक्सी से उनकी रोजी- रोटी भी बंद हो जाएगी। आमजन को ज्यादा वाटर टैक्सी में सहूलियत मिलेगी तो नाव में कोई बैठेगा नहीं। गंगा में क्रूज के चलने से पहले ही समाज के लोग आर्थिक रूप से टूट रहे हैं। जिलाधिकारी ने उनकी बातें सुनी । जिलाधिकारी से वार्ता के बाद प्रमोद मांझी ने बताया कि जिलाधिकारी से बातचीत में कोई ठोस निर्णय नही निकला। जिला प्रशासन कहता है कि वाटर टैक्सी दान में आया है। इसको चलाएंगे और आगे कोई टैक्सी नहीं आएगी। वार्ता से असंतुष्ट समाज के लोगों ने क्रूज का घेराव कर विरोध जताने का ऐलान भी किया।
गंगा में पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं को सुविधा देने के लिए वाटर टैक्सी चलने वाली है। प्रशासन का कहना है कि इससे पर्यटकों को अस्सी से नमो घाट तक आने-जाने में काफी सुविधा होगी और समय की भी बचत होगी। गंगा में वाटर टैक्सी संचालन से नाविक समाज आक्रोशित होकर कुछ दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
श्रीधर/सियाराम
