कानपुर (हि.स.)। सनातन धर्म गंगा स्नान का बड़ा ही महत्व माना गया है। माना जाता है कि गंगा दशहरा में जो भी व्यक्ति गंगा में स्नान कर दान करता है उसे प्रभु का आशीर्वाद मिलता है व पापों का नाश होता है। इसी कड़ी में गुरुवार भोर से ही लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने विभिन्न गंगा तटों पर पहुंचे और गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।
आचार्य पंडित शिवम शुक्ला ने बताया कि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को महेश नवमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व गुरुवार को पड़ा है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने का विधान है। इस अवसर पर हम आपको शिवपुराण में लिखे कुछ ऐसे उपाय बताएंगे, जिन्हें करने से साधक की हर मनोकामना पूरी हो सकती है। ये उपाय बहुत ही आसान है।
आचार्य का कहना है कि भगवान शिव को कच्चे चावल चढ़ाने से धन लाभ होता है। भगवान शिव को बेला के फूल चढ़ाने से सुंदर पत्नी मिलती है। शिवलिंग का अभिषेक गाय के घी से करने से कमजोरी दूर होती है। महादेव की पूजा हरसिंगार के फूलों से करें तो सुख-सम्पत्ति में वृद्धि होती है। कनेर के फूलों से भगवान शिव की पूजा करने से नए वस्त्र मिलते हैं। महादेव को जूही के फूल चढ़ाने से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती। धतूरे के फूल से पूजा करने पर महादेव सुयोग्य पुत्र प्रदान होता हैं। भगवान शिव को गेहूं चढ़ाने से संतान वृद्धि होती है। शिवजी की पूजा चमेली के फूल से करने पर वाहन सुख मिलता है। शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाने से जीवन में सभी सुख मिलते हैं।
आचार्य पंडित शिवम शुक्ला ने जानकारी देते हुए गंगा जल के कुछ आसान उपायों को भी बताया कि अगर परिवार के लोगों में नहीं बनती तो रोज सुबह पूरे घर में गंगा जल छिड़के। इससे घर की नेगेटिविटी कम होगी और शांति का माहौल बनेगा। दक्षिणावर्ती शंख में गंगा जल भर कर उससे भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इससे भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी भी प्रसन्न होगी। परिवार में सुख-समृद्धि चाहते हैं तो पीपल के पेड़ पर रोज गंगा जल चढ़ाएं, क्योंकि पीपल में भगवान विष्णु का वास मना गया है। दुकान में किसी ने तंत्र प्रयोग किया हो तो पूरी दुकान में गंगा जल छिड़के, इससे उस जगह की नेगेटिविटी खत्म हो जाएगी और व्यवसाय चलने लगेगा।
हिमांशु
