– मलमास में पंचक्रोशी यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ेगी, लेना होगा गलियों का सहारा
वाराणसी(हि.स.)। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बरसात और गंगा बैराज से छोड़े गए पानी के कारण यहां गंगा के जलस्तर में बढ़ाव शुरू हो गया है। गंगा घाटों की सीढ़िया एक-एक कर लहरों में डूबने लगी है। शिवाला घाट, हनुमानघाट, त्रिपुरा भैरवी से मीरघाट का घाटों का सम्पर्क मार्ग के उपर लहरें बह रही है। गंगा की लहरों में उफान देख तटवर्ती क्षेत्र के लोगों को बाढ़ की आशंका सताने लगी हैं।
फिलहाल गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदू 70.262 मीटर से काफी नीचे है, इसके बावजूद घाट किनारे लोग सतर्क है। मंगलवार को सुबह आठ बजे तक गंगा का जलस्तर 62.54 मीटर दर्ज किया गया। इसके पहले सोमवार को 62.37 मीटर जलस्तर रहा।
केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी है। गंगाघाटों के आपसी सम्पर्क मार्ग भी डूबने के कगार पर है। घाट किनारे नाविक और तीर्थ पुरोहित भी अब घाट के ऊंचे स्थान पर जाने की तैयारी में है। दशाश्वमेधघाट पर शीतला मंदिर के सीढ़ियों के पास गंगा पहुंच चुकी है।
गंगा में बढ़ाव से मोक्षतीर्थ मणिकर्णिकाघाट पर शवदाह का पहला प्लेटफॉर्म डूब गया है। अब शवदाह उंचे प्लेटफार्म पर होने लगा है। गंगा का जलस्तर प्रयागराज में भी बढ़ाव पर है। इससे माना जा रहा है गंगा के जल स्तर में बढ़ाव होगा। इससे पंचक्रोशी यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ेगी। उन्हें गलियों का सहारा लेना होगा।
श्रीधर/मोहित
