ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके आठ भारतीय पहलवानों को अब अभ्यास के लिए यूरोप भेजा जाएगा। इससे पहले सोनीपत में प्रस्तावित शिविर को कड़े पृथकवास नियमों के कारण रद्द करना पड़ा था। राष्ट्रीय कुश्ती महासंघ ने खिलाड़ियों के लिए यूरोप के शहरों में प्रशिक्षण का इंतजाम किया है जहां वे अपने पंसद के जोड़ीदार के साथ अभ्यास करेंगे। पुरूष और महिला पहलवानों को मंगलवार को बहलगढ़ स्थिल साइ (भारतीय खेल प्राधिकरण) केंद्र में एकत्र होना है। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) द्वारा तैयार की गयी नयी योजना के मुताबिक ये सभी मई के आखिरी सप्ताह में वारसॉ (पोलैंड) रवाना होंगे। पोलैंड की राजधानी में आठ से 13 जून तक तोक्यो खेलों से पहले रैंकिंग श्रृंखला की आखिरी प्रतियोगिता का आयोजन होगा। पहलवानों के पास कुछ अहम रैंकिंग अंक अर्जित करने का मौका होगा, जिससे उन्हें ओलंपिक में बेहतर ड्रा प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
डब्ल्यूएफआई के सहायक सचिव विनोद तोमर ने कहा, ‘‘हमने बहलगढ़ में एक शिविर की योजना बनाई थी, पर उन्हें पृथकवास के दौरान 14 दिनों तक प्रशिक्षण की अनुमति नहीं थी। इसलिए हमने सोचा कि बेहतर होगा कि वे अपने-अपने अखाड़ों में अभ्यास करे और फिर पोलैंड की यात्रा करें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हम सभी पहलवानों को अभ्यास के लिए उनकी पसंद के एक साथी के साथ यात्रा करने की अनुमति भी दे रहे हैं। विनेश फोगट, बजरंग पुनिया, रवि दहिया और दीपक पुनिया जैसे कुछ लोगों के साथ उनके निजी कोच भी होंगे।’’ डब्ल्यूएफआई ने पोलैंड के कुश्ती संघ से भारतीय पहलवानों को अगले महीने वारसॉ में होने वाले टूर्नामेंट से पहले प्रशिक्षण शिविर के लिए उनकी सुविधाओं का उपयोग करने की अनुमति मांगी है। टूर्नामेंट खत्म होने के बाद भारतीय पहलवान एक और प्रशिक्षण शिविर के लिए वारसॉ में रहेंगे, जिसका आयोजन पोलैंड के संघ द्वारा किया जा रहा है। वारसॉ के बाद भारतीय दल अभ्यास शिविर के लिए हंगरी और फिर तुर्की जाएगा। तुर्की में वे यासर डोगु प्रतियोगिता (25 से 27 जून) में भाग लेने के बाद जुलाई में भारत वापस लौटेंगे।
खेल : यूरोप में अभ्यास करेंगे भारतीय पहलवान
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