लखनऊ। प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद में रविवार को पूर्व विधायक निर्वेंद्र कुमार मिश्रा की हत्या को लेकर विपक्ष ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया कि यूपी लखीमपुर खीरी के पूर्व विधायक निर्वेन्द्र कुमार मिश्र उर्फ मुन्ना की निर्मम हत्या व इसी जिले में छात्रा की दुष्कर्म के बाद फन्दा लगाकर की गई हत्या की घटनायें अति-दुःखद व चिन्ताजनक है। उन्होंने कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई करे जिससे ऐसी दर्दनाक घटनायें प्रदेश में रूकें।
वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि पुलिस की उपस्थिति में आज दिनदहाड़े लखीमपुर में तीन बार के विधायक रहे निर्वेन्द्र मुन्ना की निर्मम हत्या व उनके पुत्र पर हुए कातिलाना हमले से प्रदेश हिल गया है, श्रद्धांजलि। उन्होंने कहा कि भाजपा राज में प्रदेश की जनता कानून-व्यवस्था के विषय पर चिंतित ही नहीं, भयभीत भी है। निंदनीय!
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने ट्वीट किया कि लखीमपुर में नाबालिगों के हत्याओं के दौर के बाद उप्र के जंगलराज ने अब पूर्व विधायक को शिकार बनाया। तीन बार के पूर्व विधायक निर्वेंद्र मिश्रा की निर्मम हत्या। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी! कब तक पर्दा डालोगेअपनी नाकामियों पर? कब तक चुप रहोगे इन हत्याओं पर? अब कितनों जानों पर नींद से जगोगे?
वहीं प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने ट्वीट किया कि लखीमपुर खीरी में पूर्व विधायक निर्वेन्द्र मुन्ना की हत्या कर दी गयी है। उनके पुत्र को मार-मारकर अधमरा कर दिया गया। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। सरकार अपने आपको अपराधियों के सामने सरेंडर कर चुकी है,ऐसा कोई दिन नहीं गुजरता,जिस दिन हत्या उत्तर प्रदेश में न हो रही हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन में कानून व्यवस्था पर झूठे आंकड़े पेस कर प्रदेश की जनता को गुमराह करते है। प्रदेश में कानून व्यवस्था इतनी अच्छी है कि यहां दिनदहाड़े हथियारों से लैस अपराधी तीन वार विधायक रहे शख्स की हत्या कर देते हैं, ऐसे में आम आदमी की सुरक्षा क्या करेगी सरकार?
उल्लेखनीय है कि लखीमपुर के थाना संपूर्णानगर क्षेत्र के त्रिकौलिया पढ़ुवा में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्ष रविवार को भिड़ गए। इसमें एक पक्ष पलिया का और दूसरा पक्ष पूर्व विधायक निर्वेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना का था। इस दौरान मारपीट हुई, जिसमें पूर्व विधायक के साथ भी धक्का-मुक्की हुई। इसी दौरान उनकी हालत बिगड़ी। उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। पूर्व विधायक के पुत्र ने उनकी पीट कर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।
वहीं पुलिस अधीक्षक के मुताबिक पूर्व विधायक की मौत विवाद के दौरान गिरने से हुई है। पूर्व विधायक निर्वेन्द्र उर्फ मुन्ना और समीर गुप्ता पुत्र किशन लाल गुप्ता व राधेश्याम गुप्ता के बीच विवादित जमीन के कब्जे को लेकर वाद विवाद हुआ था। विवाद के दौरान निर्वेन्द्र मिश्रा गिर गए थे,उन्हें सीएचसी अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी मौत हो गई। विवादित जमीन समीर गुप्ता के नाम से थी, जिसके कब्जे को लेकर निर्वेन्द्र मिश्रा द्वारा विरोध किया जा रहा था।
इससे पहले पूर्व विधायक और उनके बेटे को शांतिभंग की कार्रवाई भी हो चुकी है। निर्वेंद्र मिश्रा व उनके पुत्र के खिलाफ पूर्व में कार्रवाई भी की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों की पुष्टि हो जाएगी। लखीमपुर खीरी की निघासन विधानसभा से निर्वेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना तीन बार विधायक रह चुके हैं।
