– खेती की हरियाली बन किसानों, नौजवानों की अब लहलहायेगी खुशियां
– योगी ने अपने संसदीय कार्यकाल के हर सत्र में उठाई खाद कारखाना की आवाज
– सात दिसम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे लोकार्पण
– योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट को लगेंगे पंख
गोरखपुर(हि.स.)। उत्तर के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संसदीय कार्यकाल के 19 साल के हर सत्र में खाद कारखाना की आवाज उठाई, लेकिन इसकी सुधि किसी भी पूर्ववर्ती सरकार ने नहीं ली। योगी आदित्यनाथ के इन प्रयासों को तब मुकाम मिला, जब केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार आई और उनका साथ मिला। मोदी-योगी की युगलबंदी ने किसानों के सपनों को पंख लगा दिया। 07 दिसम्बर वही दिन होगा, जब सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में प्रधामंत्री नरेन्द्र मोदी गोरखपुर स्थित खाद कारखाना का लोकार्पण करेंगे।
हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एके गुप्ता ने बुधवार को बताया कि सात दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोरखपुर के खाद कारखाने का लोकार्पण करेंगे। खाद कारखाना न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि अन्य सीमाई राज्यों को पर्याप्त उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।
वर्ष 1998 से 2017 तक हर सत्र में उठाई आवाज
वर्ष 1998 से लेकर मार्च 2017 तक योगी आदित्यनाथ ने अपने संसदीय कार्यकाल में संसद का कोई भी ऐसा सत्र ऐसा नहीं रहा, जिसमें खाद कारखाने के लिए आवाज न उठाई हो। लेकिन सुनवाई तब हुई जब केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी। 22 जुलाई 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाद कारखाने की इसकी आधारशिला रखी थी।
कहते हैं जानकर
हेरिटेज फाउंडेशन के ट्रस्टी अनिल कुमार तिवारी कहते हैं कि,‘यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सौभाग्य है कि 07 दिसंबर 2021 को वे ही इस खाद कारखाने का लोकार्पण भी करेंगे। यह पूर्वांचल के लिए अमृत है। सीमावर्ती राष्ट्र नेपाल भी इससे लाभान्वित होगा।
आठ करोड़ लागत, एचयूआरएल करेगा संचालन
गोरखपुर के खाद कारखाने की स्थापना एवं संचालन की जिम्मेदारी हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के पास है। एचयूआरएल में कोल इंडिया लिमिटेड, एनटीपीसी, इंडियन ऑयल कोर्पोरेशन लीड प्रमोटर्स, फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और हिंदुस्तान फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन लिमिटेड भी साझीदार हैं। इस संयुक्त उपक्रम के अधीन गोरखपुर खाद कारखाने के निर्माण में करीब 8000 करोड़ रुपये की लागत आई है।
हर दिन बनेगी 3850 टन खाद
एचयूआरएल के इस खाद कारखाने की क्षमता प्रतिदिन 3850 टन और प्रतिवर्ष 12.7 लाख टन यूरिया उर्वरक उत्पादन की है। इतने बड़े पैमाने पर उत्पादन से देश के सकल खाद आयात में भारी कमी आएगी। गोरखपुर में बनी यूरिया से पड़ोसी देश नेपाल की फसलें भी लहलहाएंगी।
गोरखपुर खाद कारखाने में बना प्रीलिंग टावर विश्व में सबसे ज्यादा ऊंचा है। प्रीलिंग टावर से खाद के दाने नीचे आएंगे तो इनकी क्वालिटी सबसे अच्छी होगी। नीम कोटेड यूरिया से खेतों की उर्वरा शक्ति और बढ़ेगी। खाद कारखाना में 30 फीसद से ज्यादा पूर्वांचल के युवाओं को नौकरी मिली है जिसमें सर्वाधिक लड़कियां हैं।
एम्स और नौ लैब का भी लोकार्पण करेंगे पीएम
हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के गोरखपुर खाद कारखाने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात दिसंबर को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और बाबा राघवदास मेडिकल कालेज स्थित रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) की अत्याधुनिक हाईटेक 9 लैब का भी लोकार्पण करेंगे। वह खाद कारखाने का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे।
खाद कारखाना : एक नजर में
– 22 जुलाई 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया शिलान्यास
– हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड करेगा संचालन
– टोयो जापान कार्यदायी संस्थान ने बनाया
– 8000 करोड़ रुपये का कारखाने का बजट
– नीम कोटेड यूरिया बनाएगा कारखाना
– 149.5 मीटर ऊंचा प्रीलिंग टावर
– 30 करोड़ से चिलुआताल पर बना रबर डैम
– 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार
– 3850 टन यूरिया उत्पादन प्रतिदिन क्षमता
– 2200 टन लिक्विड अमोनिया उत्पादन क्षमता प्रतिदिन
