मेरठ (हि.स.)। खतौली विधानसभा के उप चुनाव में रालोद-सपा गठबंधन के प्रत्याशी मदन भैया ने भाजपा की राजकुमारी सैनी को 22143 वोटों से हरा दिया। इस जीत के बाद रालोद और सपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाई।
खतौली विधानसभा का उप चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बना हुआ था। खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री, कई मंत्रियों ने भाजपा प्रत्याशी राजकुमारी सैनी के पक्ष में चुनाव प्रचार किया था। मुजफ्फरनगर सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान के लिए यह उप चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बना हुआ था। भाजपा प्रत्याशी की हार से उन्हें करारा झटका लगा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में मुजफ्फरनगर जनपद में भाजपा को छह में से केवल दो सीटों पर जीत हासिल हुई थी। इसमें मुजफ्फरनगर सदर और खतौली सीट शामिल थी। कोर्ट से दो साल की सजा होने के कारण विक्रम सैनी की विधायकी रद्द हो गई थी। इसके बाद खतौली सीट पर उप चुनाव हुआ।
गुरुवार को कड़ी सुरक्षा में खतौली उप चुनाव की मतगणना शुरू हुई। प्रत्येक राउंड के साथ ही रालोद प्रत्याशी मदन भैया की बढ़त मजबूत होती चली गई और भाजपा प्रत्याशी राजकुमारी पिछड़ती रही। 27 राउंड तक चली मतगणना के बाद रालोद प्रत्याशी प्रत्याशी ने भाजपा प्रत्याशी को 22143 वोटों के अंतर से पराजित किया। रालोद प्रत्याशी को 97139 वोट हासिल हुए। जबकि भाजपा प्रत्याशी को 74996 वोट मिले। मजदूर किसान पार्टी के प्रत्याशी यशपाल सिंह को 478, भागीदारी पार्टी के रमेश को 847, निर्दलीय प्रत्याशी निर्मल प्रताप सिंह को 523, प्रदीप कुमार को 109, प्रमोद आर्य को 1803, यशपाल सिंह राठी को 123, मोहम्मद युसूफ को 164, वकार अजहर को 147, संतोष को 713, सुदेश को 240, सुरेशवती को 145, संजीव कुमार को 481 मत प्राप्त हुए। 838 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। अपनी हार निश्चित देखकर भाजपा प्रत्याशी पहले ही मतगणना केंद्र से निकल गई थी।
रालोद प्रत्याशी की जीत के बाद सपा और रालोद कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। उन्होंने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। पुरकाजी विधायक अनिल कुमार, शामली विधायक प्रसन्न चौधरी, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, रालोद मंडल अध्यक्ष प्रभात तोमर, रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक भी मतगणना स्थल पर पहुंचे।
खतौली से नवनिर्वाचित विधायक मदन भैया बाहुबली छवि के है और बागपत जनपद की खेकड़ा विधानसभा से चार बार विधायक रह चुके हैं। परिसीमन में खेकड़ा सीट समाप्त होने के बाद मदन भैया को लोनी विधानसभा से तीन चुनावों से लगातार हार का सामना करना पड़ रहा था।
कुलदीप
