– विधायक,पूर्व नपा अध्यक्ष समेत अनेक लोगों के परिसर में आई गाएं
कुशीनगर(हि. स.)। कोविड-19 के प्रकोप के दौर में लोगों का आकर्षण गौ पालन की तरफ बढ़ रहा है। गांव के साथ शहर में भी लोगों ने गौ पालन शुरू किया है। एक दो गाय के पालन से शुरू कार्य कुछ लोगों को इस कदर भाया है कि उन्होंने गायों का कुनबा ही बनाना शुरू कर दिया है।
गत वर्ष कुशीनगर के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कृष्ण कुमार ने कोविड संक्रमण से बचाव के लिए एक गाय खरीदी। परिवार को गौ पालन का कार्य इतना भाया की 18 माह के भीतर गौओं का कुनबा बढ़कर पांच हो गया है। पूर्व अध्यक्ष की गौशाला में गिर व साहीवाल नस्ल की दो-दो गायों समेत एक देशी गाय की भी मौजूदगी है।
स्थिति यह है कि गौवों से मिलने वाले दूध से न केवल 15 सदस्यीय परिवार को पोषण मिल रहा बल्कि निकट के लोगों के लिए भी पूजन-अनुष्ठान आदि के लिए दूध और हवन के लिए गोबर से बने उपले सहज सुलभ है। पूर्व अध्यक्ष सहित परिवार के सभी सदस्य नियमित रूप से गौओं के चारा पानी, स्वच्छता व स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं।
कोविड के दौर में कुशीनगर के विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने भी गौ पालन शुरू किया है। हालांकि उनके गौशाला में साहीवाल नस्ल की एक गाय है। विधायक के अनुसार वह उत्तम नस्ल की गायों की खरीद करेंगे। भलुही मदारीपट्टी के सुदिष्ट नारायण तिवारी ने कोविड काल में दो गौओं का पालन शुरू कर न केवल परिवार का पोषण किया बल्कि रोजगार का जरिया भी बनाया।
डुमरी चुरामनछपरा निवासी सत्यप्रकाश राव ने एक गाय के पालन शुरू किया। इस कार्य में वह इस कदर रम गए कि उनके पास गायों की संख्या चार हो गई है। पूर्व नपा अध्यक्ष बताते हैं कि उनके चाचा ईश्वरचंद कोविड के पहली लहर से संक्रमित हुए तो दिल्ली तक दौड़ लगानी पड़ी। तभी से गौ पालन में रुचि जगी। पोषण व फिटनेस के साथ-साथ इस कार्य से आत्मिक संतुष्टि भी मिल रही है।
चिकित्सक डॉ. संजय सिंह बताते हैं कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए गाय का दूध काफी फायदेमंद है। गाय के दूध में प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं। जो इम्यून सेल्स को मजबूत बनाने का कार्य करते हैं। संक्रमण से बचे रहने के लिए गाय के दूध का सेवन करने वाले लोगों में इम्युनिटी पावर बढ़ी है।
