Thursday, March 5, 2026
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कोर महाप्रबन्धक ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले रेलकर्मियों को किया पुरस्कृत

–केन्द्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन में 66वां रेल सप्ताह समारोह आयोजित

प्रयागराज (हि.स.)। भारत में प्रथम सवारी गाड़ी का शुभारम्भ मुम्बई से ठाणे के मध्य 16 अप्रैल 1853 को हुआ था। इसे यादगार बनाने हेतु केन्द्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन प्रयागराज प्रति वर्ष रेल सप्ताह समारोह का आयोजन करती है। गुरूवार को आयोजित 66वां रेल सप्ताह समारोह में महाप्रबन्धक यशपाल सिंह ने सर्वोत्कृष्ट कार्य करने वाले 16 अधिकारियों एवं 53 कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किये। इसके अतिरिक्त विभिन्न परियोजनाओं को शील्ड भी प्रदान की गई।

महाप्रबंधक ने कहा कि केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन वर्तमान में, सम्पूर्ण भारत में 9 परियोजनाओं अम्बाला, अहमदाबाद, चेन्नई, कोलकाता, जयपुर, लखनऊ, गुवाहाटी, सिकंदराबाद एवं बेंगलुरु के माध्यम से भारतीय रेल के ब्रॉड गेज रूटों को विद्युतीकरण करने का कार्य मिशन मोड पर कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 में कोर को विद्युतीकरण के लिए एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य मिला था जिसे स्वीकार करते हुए कोविड महामारी के बावजूद कोर ने 2860 रूट किलोमीटर विद्युतीकरण का लक्ष्य प्राप्त किया। इस दौरान कटनी-सतना जैसे महत्वपूर्ण खण्ड का विद्युतीकरण किया गया, जिससे हावड़ा से मुम्बई (वाया प्रयागराज) की ओर एक अतिरिक्त (वैकल्पिक) विद्युतीकृत मार्ग की प्राप्ति हुई।

महाप्रबन्धक ने कहा इसी प्रकार बस्सी-जयपुर-कनकपुरा खण्ड का विद्युतीकरण होने से नई दिल्ली से जयपुर तक एक सीधे विद्युतीकृत मार्ग की प्राप्ति हुई। इटावा-उडी-भाण्डई खण्ड के विद्युतीकृत होने से प्रयागराज से आगरा होते हुए राजस्थान की ओर जाने के लिए एक मार्ग उपलब्ध हो सका है। चितौड़गढ़- कोटा जैसे महत्वपूर्ण खण्ड का विद्युतीकरण होने से दिल्ली से उदयपुर तक की गाड़ियों का परिचालन विद्युत इंजनों द्वारा निर्वाध रूप से सम्भव हुआ है। लामटा-समनापुर खण्ड के विद्युतीकरण होने से दक्षिण भारत की ओर जाने वाली गाड़ियों के मार्ग में 266 रूट किमी की कमी आएगी। ढोला-पिपवाव पोर्ट खण्ड के विद्युतीकृत होने से भारत में पहली बार अहमदाबाद से पिपवाव पोर्ट तक हाई राइज ओएचई मार्ग पर डबल-स्टेक मालगाड़ी का परिचालन प्रारम्भ हुआ है।

पुरस्कार वितरण में सर्वोत्तम परियोजना शील्ड लखनऊ परियोजना को, सर्वोत्तम परियोजना (दूसरी)-दानापुर परियोजना, बिजली शील्ड-लखनऊ परियोजना को, सिग्नल एवं दूरसंचार शील्ड-लखनऊ परियोजना को, भण्डार शील्ड एवं इंजीनियरिंग शील्ड-लखनऊ परियोजना को, विशेष उपलब्धि-सिकंदराबाद एवं अहमदाबाद को, लेखा विभाग शील्ड एवं कार्मिक विभाग शील्ड अहमदाबाद परियोजना एवं राजभाषा की शील्ड जयपुर परियोजना को प्रदान की गई।

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