गोरखपुर(हि.स.)। जालसाजों ने अपनी कमाई का एक नया जरिया बना लिया है। वैक्सीन की ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर जालसाज खातों का डिटेल जुटा रहे हैैं। फिर खाता से रकम गायब कर रहे हैं। इस तरह की शिकायतें सामने आने के बाद एडीजी जोन दावा शेरपा ने जोन के सभी एसएसपी, एसपी को पत्र जारी कर लोगों को जागरूक करने और साइबर सेल की मदद से कार्रवाई का आदेश दिया है।
कोरोना वायरस का भय इतना है कि लोग वैक्सीन लगवाने के लिए इधर-उधर से जानकारियां इकट्ठा कर रहे हैं। हाथ-पांव मार रहे हैं और पहले ही चरण में टीकाकरण का लाभ लेने की जुगत में हैं। इसका फायदा कुछ जालसाज उठाने की फिराक में हैं। कई ऐसे मामले सामने आ गए हैं, जिनमें जालसाजों ने लोगों की जानकारियां इकट्ठा करनी शुरू कर दी हैं। ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर यह खेल खेला जा रहा है। इनके इस कुत्सित प्रयास की भनक अब पुलिस को लग चुकी है। एडीजी दावा शेरपा ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए जॉन के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर इस पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया है। दावा शेरपा का कहना है कि जालसाजों द्वारा लोगों को ऑनलाइन दवा उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। यह किसी भी तरह सही नहीं है। इनके झांसे में आने वाले लोग ठगी का शिकार बन रहे हैं। इनसे सतर्क रहना होगा। अभी तक सरकार की ओर से कोई भी वैक्सीन की ऑनलाइन बिक्री की अनुमति नहीं दी गई है।
कार्रवाई के लिए साइबर सेल एक्टिव : दावा शेरपा
दावा शेरपा का कहना है कि जालसाजों से बचने के लिए लोगों में जागरूकता जरूरी है। इन पर कार्रवाई के लिए अब साइबर सेल एक्टिव है। जालसाज सक्रिय हैं और लोगों को भी सतर्क रहना चाहिए। पुलिस को कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
कई मामले आये हैं सामने
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कोविड टीकाकरण पंजीकरण के नाम पर धोखाधड़ी कई प्रकरण संज्ञान में आए हैं। हलांकि गोरखपुर में अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। बावजूद इसके लोगों का सतर्क रहने की जरूरत है।
हो सकते हैं शिकार
बता दें कि फ्रॉड करने वाले कोविड टीकाकरण पंजीकरण के नाम पर फोन करके आधार कार्ड और ई-मेल आईडी का विवरण मांगते हैं। आधार कार्ड का विवरण देने के बाद उसके वेरीफिकेशन के नाम पर ओटीपी की मांगते हैं। जैसे ही सामने वाला ओटीपी देता है, आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते से रकम उड़ा दी जाती है। इसलिए टीकाकरण के नाम पर आने वाले फोन को कोई भी विवरण न दें।
सीएमओ ने कहासीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी का कहना है कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए कोई कॉल नहीं की जा रही है। न ही आम आदमी का पंजीकरण हो रहा है। अभी तक सिर्फ सरकारी और निजी क्षेत्रों में काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों की प्रामाणिक सूची के आधार पर उन्हीं का पंजीकरण किया गया है। पंजीकरण के लिए आने वाले काल से सावधान रहने की जरूरत है।
कोरोना : टीकाकरण के नाम पर ठग रहे जालसाज
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