Sunday, April 5, 2026
Homeउत्तर प्रदेशकोई खुलकर तो कोई 'दबी जुबां' कर रहा 'दारा' के फैसले का...

कोई खुलकर तो कोई ‘दबी जुबां’ कर रहा ‘दारा’ के फैसले का विरोध

मऊ (हि.स.) उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी तापमान की तपिश मऊ जनपद में भी फैलती जा रही है, कारण साफ है, भाजपा छोड़ गये दारा सिंह चौहान का मऊ जनपद से राजनीति का नाता है, और सियासत की खेतीबाड़ी भी यहीं से है। राज्यपाल को भेजे इस्तीफे में दारा सिंह चौहान ने जिस बात का जिक्र किया कि मौजूदा सरकार पिछड़ों, वंचितों, दलितों, किसानों और बेरोजगार नौजवानों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के साथ-साथ पिछड़ों और दलितों के आरक्षण के साथ जो खिलवाड़ कर रही है, उससे आहत होकर मैं उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे रहा हूं। इस पर भाजपा के लोगों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

दारा के इस फैसले के बाद और 2022 में इस्तीफे के दौर के चलन में यूपी की सियासत का बाजार तो गर्म है मऊ भी इससे अछूता नहीं है।

दारा सिंह चौहान के इस फैसले पर, कोई ‘खुल’ कर तो कोई ‘दबी जुबां’ विरोध करने लगा है। वहीं बहुतेरों की माने तो ‘दारा’ के जिन्दाबाद करने में उनका राजनैतिक कैरियर तबाह होने के मुहाने पर है। इसलिए कुछ खास समर्थक जो उनके साथ बसपा से बीजेपी में आए थे वो दारा के भाजपा छोड़ने के बाद भी खुद को भाजपा में बने रहने की बात कर रहे हैं और उनके फैसले से नाखुश होकर अपने ही नेता दारा सिंह को बॉय-बॉय कर रहे हैं। वहीं गैर भाजपा के लोग दारा का भाजपा से किनारा बनाने पर बेहद खुश हैं। उनकी मानें तो आखिर कोई कब तक दम घोंटू जगह पर रहेगा। इस मामले में मऊ की राजनीति से जुड़े लोगों की जो प्रतिक्रिया आई है वह कुछ यूं है…

सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय दो टूक में कहते हैं ‘जब भाजपा किसी दल के नेता को अपने दल में शामिल करती है तो वो उस समय उनके लिए ‘सोना’ होता है, और जब वही नेता अपना जौहरी बदल लेता है तो भारतीय जनता पार्टी के नजरिए में ऐसे लोग ‘लोहा’ हो जाते हैं। भाजपा को अपनी ये सोच बदलनी होगी। हर आदमी उगते सूर्य को नमन करता है और भाजपा का सूर्य अस्त हो रहा है।

लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा के युवा नेता बजरंगी सिंह बज्जू कहते हैं ‘जबतक गाड़ी, बंगला सरकारी थी, तब तक इनको भाजपा प्यारी थी। पांच वर्ष जलालत सहते रहे, इनका समाज को ठगते रहे। बड़ा सब्र है!

कहा कि इनके रंग से गिरगिट भी शरमा जाए। जिस समाज का यह रोना रो रहे हैं वह सब समाज 2014 से भाजपा के साथ है, समाज इनके साथ रहता तो ये बसपा से हारते नहीं। जिनको यह पिछड़ा-पिछड़ा कह रहे हैं असल में वह इनका परिवार पिता और पुत्र है।

दारा सिंह चौहान के करीबी भाजपा के अल्पसंख्यक समाज के नेता डॉ. शाहनवाज ने कहा कि वे पूरी ईमानदारी से भाजपा के साथ हैं और उसकी नीतियों पर विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा कि दारा सिंह चौहान का भाजपा से जुदा होने का फैसला उनकी अपनी निजी हो सकता है। वे उनके विचार से कतई सहमत नहीं है। वे 2022 में पुन: कमल खिलाने के लिए और योगी जी को दुबारा मुख्यमंत्री बनाने के लिए जी जान से पार्टी के लिए कार्य करेंगे।

मऊ नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन व सपा नेता अरशद जमाल कहते हैं “जहां दम घुटे वहां नहीं रहना चाहिए। दारा सिंह चौहान नोनिया समाज के बड़े नेता है, उनको भाजपा ने कभी सम्मान नहीं दिया। अगर मंत्री जी समाजवादी पार्टी में आते हैं तो उनका स्वागत है।

भाजपा ओबीसी मोर्चा गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री संतोष चौहान कहते हैं जो भाग के आया है वो भाग के जाएगा। मौसम विज्ञानी दलबदलू नेता कभी चौहान समाज का हितैषी नहीं हो सकता। मऊ का चौहान समाज भाजपा को 2017 में भी वोट दिया था और 2022 वोट देकर विधायक सदन भेजेगा।

भाजपा के युवा नेता और दारा के करीबी रामानुज प्रताप सिंह चुन्नू का कहना है कि दारा सिंह चौहान जब पिछड़ा वर्ग के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे, पिछड़ा वर्ग कोटे से मंत्री थे, पिछड़ा वर्ग तब ठीक था। अब ऐसा क्या हो गया कि पल भर में भाजपा खराब लगने लगी। उन्होंने कहा अब समाज को ठगने वाला काम नहीं होगा। पिछड़ा वर्ग पूर्ण रूप से भाजपा के साथ है और रहेगा।

भाजपा के जिला उपाध्यक्ष आनन्द प्रताप सिंह ने कहा कि दारा सिंह चौहान सरकार में महत्वपूर्ण विभाग के कैबिनेट मंत्री थे। उन्हें यह बात शोभा नहीं देता कि वह कहें भाजपा में पिछड़ों व दलितों के साथ अन्याय हो रहा है। जबकि पीएम मोदी पिछड़े वर्ग से, राष्ट्रपति कोविंद दलित वर्ग से आते हैं। जबकि भाजपा ही अल्पसंख्यक वर्ग से वैज्ञानिक भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनायी थी। यही नहीं देश के अन्य प्रदेशों में सभी समुदाय से मुख्यमंत्री, राज्यपाल तमाम संवैधानिक पदों पर लोग आसीन हैं। दारा चौहान का भाजपा से जाने का गम नहीं लेकिन उनका ये कहना भाजपा में पिछड़ों व दलितों का सम्मान नहीं है हास्यास्पद लगता है।

भाजपा पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रामप्रवेश राजभर का कहना है कि दारा सिंह चौहान को विपक्षियों ने भ्रम फैलाने के लिए हायर कर लिया है। लेकिन दारा चौहान यह भूल गये कि भाजपा भ्रम की नहीं धरातल की राजनीति करती है। जनता धरातल पर सब देख रही है।

सपा नेता व मुहम्मदाबाद गोहना से टिकट के दावेदार हरेन्द्र सरोज कहते हैं केवल मंत्री ही नहीं विधायकों को भी पता ही नहीं चला कि वो सरकार में है। ना रूतबा ना विकास के लिए पैसा ना ही कही सुनवाई। यह तो होना ही था। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अवनीश सिंह ने कहा चुनाव के ऐन वक्त ऐसे अवसरवादी राजनीति करने वाले जो हमेशा दल बदलते हैं, जनता को पूरी तरह नकार देना चाहिए। वहीं इस मामले में कुछ नेता तो बोलने से कन्नी काट गए और वही कुछ बोले कि अरे ऐसे स्वार्थ विहीन लोगों के बारे में बात करने से क्या फायदा।

आनन्द कुमार

RELATED ARTICLES

Most Popular