जानकारी के अभाव में छात्राएं लिफ्ट का गेट नहीं खोल पाई थीं
वाराणसी(हि.स.)। कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर बने लिफ्ट में गुरुवार को दो छात्राएं फंस गईं। संयोग ही रहा कि छात्राओं के चीखने-चिल्लाने की आवाज कर्मचारियों ने सुन ली। कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए लिफ्ट खोल छात्राओं को बाहर निकाला। इस घटना से छात्राएं देर तक डरी रहीं। अफसरों ने उनका उत्साह बढ़ाया तब जाकर छात्राएं सामान्य हुईं और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में अध्ययन के लिए रवाना हुईं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) निवासी नेहा यादव अपनी दोस्त के साथ प्रतिदिन वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में अध्ययन के लिए ट्रेन से आती-जाती है। आज सुबह दोनों गांधी धाम – कामाख्या एक्सप्रेस से वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर उतरी । दोनों काशी विद्यापीठ जल्दी जाने के लिए लिफ्ट का सहारा लिया। लिफ्ट प्लेटफार्म के ऊपर पहुंची तो दोनों जानकारी के अभाव में दरवाजा नहीं खोल पाईं। इसकी वजह से लिफ्ट में फंस गईं। उनकी आवाज सुनकर विभागीय कर्मचारियों ने तत्परता बरतते हुए लिफ्ट को खोला और दोनों को बाहर निकाला। मौके पर मौजूद कैंट स्टेशन के अधिकारियों ने भी राहत और बचाव टीम का उत्साहवर्धन किया।
श्रीधर
