Friday, April 10, 2026
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केजीएमयू में संविदा के आधार पर चिकित्सकों की नियुक्ति अवैधानिक

लखनऊ (हि.स.)। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में शैक्षणिक एवं शोध कार्य की दृष्टि से संविदा के आधार पर चिकित्सकों की नियुक्ति का केजीएमयू शिक्षक संघ ने विरोध किया है। केजीएमयू शिक्षक संघ का कहना है कि केजीएमयू जैसे संस्थान में इतने पद रिक्त रहते हुए शैक्षणिक एवं शोध कार्य की दृष्टि से संविदा शिक्षकों की नियुक्ति करना औचित्यहीन व अवैधानिक है। केजीएमयू की परिनियमावली में शिक्षकों के पुनर्नियोजन हेतु ही संविदा पर नियुक्ति का प्रावधान है।

केजीएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष व सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. के.के.सिंह ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि केजीएमयू एक स्वायत्तशासी संस्था है, जो आवश्यकतानुसार अपनी नियमित भर्तियां दो माह में पूर्ण कर सकता है।

उन्होंने बताया कि केजीएमयू में प्रोफेसर के 21, एडिशनल के 06, एसोसिएट के 30 असिस्टेंट प्रोफेसर के 131 पद अर्थात् कुल 188 पद रिक्त हैं। इन रिक्त पदों पर केजीएमयू परिनियमावली के अनुसार नियमित नियुक्ति न कर संंविदा के आधार भर्ती करने की भूमिका बनायी जा रही है।

इसके अलावा केजीएमयू शिक्षक संघ ने कार्य परिषद की बैठक कई अन्य विषयों पर भी चर्चा की है। शिक्षक संघ ने कहा है कि कोरोना काल में निरंतर ड्यूटी के कारण शिक्षकों द्वारा शीतकालीन/ग्रीष्मकालीन अवकाश उपभोग नहीं किए गए थे, जिन्हें अर्जित अवकाश में परिवर्तित किया जाना चाहिए।

वहीं केजीएमयू परिनियमावली में स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद केजीएमयू के शिक्षकों को पी.जी.आई. के समान 01.01.2016 से अनुमन्य पुनरीक्षित वेतनमान नहीं दिया गया है। वहीं पीजीआई हेतु इस आशय का आदेश दिनांक 20.02.2020 को जारी किया जा चुका है। शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो.के.के. सिंह ने कहा कि अगर जल्द हमारी मांगें नहीं मानी गयी तो लोहिया, पीजीआई, सैफई व केजीएमयू की कामन समस्याओं को देखते हुए संयुक्त शिक्षक संघ का गठन करने के बाद आन्दोलन किया जायेगा।

गंभीर मरीजों के तत्काल उपचार की अलग व्यवस्था हो

केजीएमयू शिक्षक संघ के महासचिव डाॅ. संतोष कुमार ने कहा कि केजीएमयू की इमरजेंसी में आने वाले वे गरीब व गम्भीर मरीज, जिनके पास आयुष्मान कार्ड आदि की कोई सुविधा नहीं होती है। इसलिए उनके तत्काल उपचार हेतु अलग से प्रावधान करने की आवश्यकता है और इसका अधिकार उपचार करनेवाले डॉक्टर व यूनिट को देना चाहिए।

केजीएमयू के शिक्षकों की प्रोन्नति में अनावश्यक विलम्ब होने के कारण, उनका आर्थिक नुकसान होता है। अतः समय से प्रोन्नति हेतु प्रावधान करते हुए वर्ष दो बार यथा जनवरी व जुलाई में चयन समिति की बैठक सुनिश्चित की जानी चाहिए।

इसके अलावा शिक्षक संघ ने कैंसर मरीजों के उचित उपचार हेतु मेडिकल आंकोलॉजी विभाग को तत्काल उचित स्थान, बेड, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग चिविवि प्रशासन से की है।

बृजनन्दन

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