– भाकियू अध्यक्ष ने कहा- हम सभी को देंगे आशीर्वाद, लेकिन चुनाव में किसी का नहीं करेंगे समर्थन
मुजफ्फरनगर ( हि.स.)। केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान ने सोमवार को सिसौली पहुंचकर भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत का हाल जाना और उनका आशीर्वाद लिया। कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के बाद डॉ. बालियान पहली बार सिसौली पहुंचे थे। इस दौरान भाजपा नेता राजू अहलावत और भाकियू के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
चौधरी नरेश टिकैत पिछले सप्ताह बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे। हादसे में उनके बाएं कंधे में चोट लगी थी, जिसका नोएडा के एक अस्पताल में ऑपरेशन हुआ है। डॉ. बालियान ने चौधरी नरेश टिकैत के स्वास्थ्य की जानकारी ली। भाकियू ने पिछले दिनों भाजपा नेताओं को गांव में ना घुसने देने तक का ऐलान किया था। डॉ. बालियान ने कहा कि इस मुलाकात का कोई राजनीतिक मकसद नहीं था, केवल हाल जानना था और खाप का चौधरी होने के नाते आशीर्वाद लेना जरूरी था।
दूसरी ओर भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने एक बयान में कहा कि हम चुनाव में किसी का भी समर्थन नहीं कर रहे हैं। यही नहीं अपने पिछले बयान को गलती बताते हुए उन्होंने कहा कि हम कुछ ज्यादा ही बोल गये थे, जो गलत था। टिकैत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ही सर्वोपरि है। मीडिया की ओर से नरेश टिकैत से सवाल किया गया था कि कल गठबंधन प्रत्याशी आपके पास आए थे, उन्हें आपने किस तरह का आशीर्वाद और समर्थन दिया। इस पर नरेश टिकैत ने कहा कि कल महागठबंधन वाले आए थे। किसान भवन में लोग जुटे थे, लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा सर्वोपरि है, हमारी ओर से किसी को भी समर्थन नहीं है। किसी भी दल का कोई भी नेता आएगा तो हम उसे आशीर्वाद देंगे। यहां आकर कोई भी वोट मांगने की बात न करे। वोट मांगने की बजाय लोग आशीर्वाद लेने के लिए आएं। यहां आएं लोग आशीर्वाद लें और चुनाव लड़ें। हम किसी की भी अनदेखी नहीं करेंगे।
इससे पहले 2014 के चुनाव में भाजपा को समर्थन दिए जाने को लेकर नरेश टिकैत ने कहा कि उस समय़ तो लहर चल रही थी, लेकिन अब दूसरा मामला है। 13 महीने तक हमारा आंदोलन चला है और अब संयुक्त किसान मोर्चा सर्वोपरि है। यदि हम अलग जाएंगे तो वे हमें भी निकाल देंगे। भाजपा के प्रत्याशियों के आने पर क्या करेंगे। इस सवाल पर नरेश टिकैत ने कहा कि यदि वे आते हैं तो उनका भी हम स्वागत करेंगे। चाय-पानी की व्यवस्था करेंगे। भाजपा के कैंडिडेट हमारे दुश्मन थोड़े ही हैं। वे लोग पहले भी आते ही रहे हैं।
राजेन्द्र कौशिक
