Friday, January 16, 2026
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कुशीनगर:150 लोगों की जान बचाने को पूरी रात चला रेस्क्यू

-नदी किनारे कैंप किए डीएम और एसपी 

कुशीनगर (हि.स.)। बिहार सीमा से सटे नारायणी उस पार जिले के दियारा क्षेत्र से गुरुवार रात की रात 150 लोगों को लेकर आ रही नाव के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका से प्रशासन हलकान रहा। एसडीआरएफ टीम के साथ जिलाधिकारी एस राजलिंगम व पुलिस अधीक्षक सचिंदर पटेल नदी किनारे कैम्प किये रहे। 
 शुक्रवार सुबह तक रेस्क्यू कर एसडीआरफ टीम द्वारा सुरक्षित निकाल लिए जाने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली। नदी इस पार के एक दर्जन से अधिक गांव के लोग उस पार दियारा में परिवार समेत खेती किसानी के लिए गए थे। प्रशासन ने नदी के उफान को देखते हुए नाव परिचालन पर रोक लगाई है। 
 प्रशासन की डर से नाव मालिक रात के अंधेरे में नाव लेकर उस पार गया और उधर से 150-200 की अनुमानित संख्या में लोगों को लेकर वापस लौट रहा था। लौटते समय बीच नदी में ही नाव के इंजन का तेल का समाप्त हो गया। अनियंत्रित होकर नाव नदी की धारा में बहने लगी। संयोग बढ़िया रहा कि बरवापट्टी घाट से पांच किमी दूर अमवादीगर गांव के सामने बने ठोकर के समीप जाकर नाव फंस गई। छोटी नाव से उफनाई नदी में जाकर लोगों को बचा पाना मुश्किल था। 
अनहोनी की आशंका के चलते रात 11 बजे डीएम व एसपी पूरी टीम के साथ पहुंचे तो जरूर, लेकिन अंधेरे व नदी के उफान के चलते कुछ कर न सके। पूरी रात मूक दर्शक बने रहे। उधर नदी की धारा में फंसे लोग बचाने की गुहार लगाते हुए पूरी रात चीखते-चिल्लाते रहे। सुबह पांच बजे एसडीआरफ टीम पहुंची और उनको सुरक्षित निकालने के लिए दो घंटे का रेस्क्यू चलाया। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। नाव पर पुरुषों के साथ महिलाएं व बच्चे भी थे तो 100 मवेशी भी थे। 
 जिलाधिकारी एस राजलिंगम, एसपी सचिंद्र ने बताया कि एक बड़ा हादसा होने से बचा। प्रशासन द्वारा नदी के खतरनाक रुख को देखते हुए नाव के चलने पर रोक लगाई गई थी, फिर भी खतरा मोल लिया गया। अब सख्ती से कार्रवाई होगी। 
हादसा हुआ तो सरकार होगी जिम्मेदार-अजय लल्लू 
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व विधायक अजय लल्लू मौके पर पहुंचे। सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि तमकुहीराज विधान सभा क्षेत्र के तीस फीसद किसानों की खेती नदी उस पार दियारा में ही है। लोगों की मजबूरी है नदी उस पार जाना। सदन में कई बार पीपा लगवाने की बात कही, लेकिन विपक्ष के विधायक के चलते हमारी बात गंभीरता से नहीं ली जाती है। जिस दिन कोई हादसा हुआ तो सरकार व प्रशासन जिम्मेदार होगा। 

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