-डीएम ने दिए एफआईआर व वसूली के निर्देश
कुशीनगर (हि. स.)। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत कुशीनगर नगरपालिका क्षेत्र के 27 वार्डों में अपात्रों को मिले आवास की जांच शुरू हो गई है। जांच के दायरे में कुल 1800 लाभार्थी आ रहे हैं। जांच में योजना का लाभ उठा चुके लोगों में से अपात्रों को चिन्हित किया जाएगा।
जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पूर्ण बोरा को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए अपात्रों पर एफआईआर दर्ज कराने व प्राप्त रकम की वसूली करने का निर्देश दिया है।
कसया में अपात्रों मसलन कार, ट्रैक्टर, बड़े मकान, बड़े पैमाने पर खेती बारी करने वाले लोगों द्वारा योजना का लाभ लेने का मुद्दा मुख्यमंत्री समेत उच्चाधिकारियों के समक्ष उठता रहा है। हिन्दू युवा वाहिनी (हियुवा) के नेता ओमप्रकाश वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसकी शिकायत की थी। हियुवा नेता ने संगठित तरीके से योजना में लूट खसोट करने का आरोप लगाया था। इंटरनेट मीडिया पर भी यह मुद्दा छाया रहा।
जिलाधिकारी के आदेश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने टीम गठित कर दी है। टीम लाभार्थियों के घरों पर जाकर पात्रता की जांच करेगी और इसकी रिपोर्ट ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को देगी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की संस्तुति पर अपात्रों से रिकवरी व एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू होगी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जांच शुरू होने की जानकारी दी है। बताया कि जांच टीमों से नियत अवधि के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है।
पात्र को ही दें आवास
विधायक पीएन पाठक ने भी आवास योजना से जुड़े विभागों के अधिकारियों को पात्र व्यक्तियों को आवास देने का निर्देश दिया है। विधायक ने बताया कि योजना की मंशा के विरुद्ध कार्य करने वाले कर्मचारी व धांधली में लिप्त लोग बख्शे नहीं जायेंगे। प्रत्येक गरीब व पात्र व्यक्ति को आवास उपलब्ध सभी सक्षम लोगों की नैतिक जिम्मेदारी है।
गोपाल
