– गांव में पसरा रहा सन्नाटा, राजनीतिक दलों के नेताओं का दौरा
कुशीनगर(हि.स.)। कसया थाना अंतर्गत कुड़वा दिलीप नगर के सिसई टोले पर बुधवार सुबह हुई चार मासूमों की मौत के अगले दिन गांव का माहौल गमगीन रहा। सदमे से परिवार उबर नहीं पा रहा है। पीड़ित परिवारों के दर्द को पूरे गांव के लोग साझा करते नजर आए। हर कोई परिजनों को सांत्वना देता दिखा।
सदमे को झेल रही अपने तीन बच्चों को खोने वाली मां सुगिया बीमार हो गईं। सुगिया की सदमे से बार-बार आवाज ही बंद हो जा रही है। उसने गम में कल से कुछ खाया नहीं है। सीएचसी से पहुंचे डाॅक्टरों के दल ने घर पर ही उसका इलाज किया व ड्रिप चढ़ाया। इकलौते पुत्र आरुष को खोने वाली मां खुशबू व पिता निरंजन भी बेसुध हैं। वे बार-बार आने जाने वाले लोगों से बेटे को खोंने का दर्द बयां कर रहे हैं।
पीड़ितों के दरवाजे पर राजनीतिक दलों के लोगों का आना-जाना लगा है। इसके बाद गांव में सन्नाटा है। लोग दिख भी रहे हैं तो मासूमों के मौत के संबंध में चर्चा कर रहे हैं। बुधवार की सुबह गांव के सिसई टोले पर रसगुल के घर के सामने टाफी और कुछ सिक्के पाया गया था। रसगुल वह टाफी घर में रख कर कहीं चला गया। इसी बीच उसकी बेटी मंजना छह वर्ष, स्वीटी तीन वर्ष व पुत्र समर के साथ उसके घर आई भतीजे की पुत्री का लड़का आरुष पांच वर्ष ने टाफी खा लिया। टाफी खाने के बाद उनकी हालत बिगड़ती गई और अस्पताल जाने से पूर्व ही मौत हो गई। मामले में परिजनों के आरोप के आधार पर पुलिस ने गांव के ही तीन लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले गई है। मासूमों के दर्दनाक मौत के बारे में लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।
सीओ पीयूष कांत राय के नेतृत्व में पुलिस टीम घटना के सभी पहलुओं की जांच करने में जुटी रही। पुलिस ने आरोपितों व मृत बच्चों के घरों की गहनता से जांच की। दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, एमएलसी रामअवध यादव,सपा नेता डॉ.कफील खान, बाबा साहब वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिठाई लाल, सपा नेता राजेश प्रताप राव, डॉ. प्रियेश त्रिपाठी आदि ने परिजनों से मुलाकात की और पर्याप्त सहायता की मांग की।
आरोपितों से राज नहीं उगलवा पाई पुलिस: मामले में डाग स्क्वायड टीम की निशानदेही पर पुलिस ने गांव के ही प्रेम, बाला व चाबस को हिरासत में लिया है। घटना के 36 घंटे बाद भी पुलिस उनसे कुछ हासिल नहीं कर सकी है। सूत्रों की मानें तो पुलिस की लगातार पूछताछ के बाद भी तीनों आरोपित अपराध से इनकार कर रहे हैं। टाफी कहां से आया, किसने दरवाजे पर रखा, इसके पीछे मंशा क्या थी, टाफी में कौन सा जहरीला पदार्थ मिलाया गया था। यह सवाल अब भी अनुत्तरित है। इन सवालों का जवाब खोजने में अब तक पुलिस प्रशासन असफल साबित हुआ है।
प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार उपाध्याय ने बताया कि हिरासत में लिए गए तीनों आरोपितों ने अभी कुछ बताया नहीं है। उनसे लगातार पूछताछ चल रही है।
गोपाल
