Wednesday, April 1, 2026
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 कुशीनगर में एयरपोर्ट्स पर नौकरी दिलाने वाले गैंग का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार

-तीन लाख नकद, दो वाहन, फर्जी ऑफर लेटर, नियुक्ति पत्र, मोहरें बरामद

कुशीनगर (हि. स.)। कुशीनगर पुलिस ने देश के विभिन्न एयरपोर्ट में ग्राउण्ड स्टॉफ व स्टॉफ सर्विसेज में नौकरी दिलवाने के नाम पर बेरोजगार नवयुवकों से धोखाधड़ी व फर्जीवाड़ा कर उनसे धन अर्जित करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार किये गए हैं। उनके पास से पीड़ितों के तीन लाख रुपये नगद, दो चार पहिया वाहन, 43 फर्जी मोहर, सात एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, चेक आदि भारी मात्रा में दस्तावेज, ऑफर लेटर, नियुक्ति पत्र बरामद किया गया है। एसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार नकद इनाम दिया है।

पुलिस को मिली इस सफलता को पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने मीडियाकर्मियों से साझा किया। उन्होंने बताया कि एएसपी रितेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी उमेश चन्द्र भट्ट के नेतृत्व में चलाए गए एक विशेष अभियान में यह सफलता मिली। गिरफ्तार सभी चार आरोपी क्रमशः शमशाद अन्सारी, राहुल कुमार भारती, सतीशचन्द्र पाल,शोएब अख्तर पुत्र शमशाद अली कुशीनगर जनपद के निवासी हैं।

आरोपी फिलिप कैजन प्राइवेट लिमिटेड ट्रेनिग सेण्टर की आड़ में ठगी का धंधा करते थे। बेरोजगार नवयुवकों को एयरपोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर पर प्रति व्यक्ति 2.50 लाख रुपये लेते थे। गैंग राव एमआरआई एण्ड इमेजिंग सेण्टर डॉ. के.एम. राव एमडी(आरडी) केजीएमसी छात्र संघ चौराहा कसया रोड गोरखपुर में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाता था। इसके लिए अलग से दस हजार लिया जाता था। एक आरोपी सतीशचन्द्र पाल ग्राम गुलेलहा का भूतपूर्व प्रधान है। यह जो जिले में भिन्न-भिन्न जगहों से बेरोजगार नवयुवकों का पता कर तथा उनका व्हाट्स एप ग्रुप बनाता था। ग्रुप में नौकरी के सम्बन्ध में नवयुवकों को भ्रमित करने व उकसाने वाले पोस्ट डाले जाते थे। गिरोह ने फर्जी ट्रेनिंग सेंटर भी खोल रखा था। गिरोह के सदस्य विश्वास के लिए ऑनलाइन ट्रान्जेक्शन करते थे। कोरल ड्रॉ साफ्टवेयर की मदद से स्पाईस जेट एयरलाइंस, इण्डिगो एयरलाइन्स व एयर इण्डिया के ऑफर लेटर को हैक कर एडिट करता था तथा उनको मैनुअली निकालकर बरामद फर्जी मुहर का इस्तेमाल कर तथा एयरलाइन्स के अधिकारियों की मुहर पर मूल फर्जी साइन कर नियुक्ति पत्र व आफर लेटर बेरोजगारों को दे देते थे।

जब बेरोजगार नवयुवकों को पता चलता था कि यह कूटरचित दस्तावेज है तो आरोपी उनको जान से मारने की धमकी देकर भगा देते थे और ट्रेनिंग सेण्टर की जगह भी बदल देते थे। एसपी ने बताया कि पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक राज प्रकाश सिंह,निरीक्षक मनोज कुमार पंत प्रभारी साइबर सेल, व प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार शर्मा की टीम शामिल रही। आरोपियों के विरुद्ध मुकदमापंजीकृत कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की गई।

गोपाल

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