Wednesday, March 18, 2026
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कुशीनगर : नारायणी नदी पर बने बांध का 200 मीटर स्लोप बहा, कटान जारी

कुशीनगर (हि.स.)। जिले की नारायणी नदी पर बना अमवाखास बांध का किमी 800 से किमी 8.600 तक लक्ष्मीपुर गांव के सामने जारी नदी की कटान की जद में आ गया है। शनिवार को बांध के स्लोप का 200 मीटर हिस्सा नदी में विलीन हो गया। कटान से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। बोल्डर की कमी होने के चलते मिट्टी से भरी बोरियों को जाली में बांधकर नदी के वेग को रोकने की कवायद की जा रही है। मौके पर मात्र दो अवर अभियंता बचाव कार्य में जुटे हैं।

गत वर्ष भी मरम्मत व बचाव कार्य किया गया था। ग्रामीण बाढ़ खण्ड विभाग पर खानापूर्ति का आरोप लगा रहे हैं। ग्राम प्रधान अशर्फी यादव का कहना है कि एक वर्ष पूर्व 60 करोड़ की परियोजना के तहत यहां कार्य हुआ था। फिर भी कटान नहीं रुक रहा, ऐसे में पूर्व में हुए कथित कार्य की जांच होनी चाहिए।

बाढ़ खण्ड के अधिशासी अभियंता महेश कुमार सिंह ने बताया कि नदी में पानी का डिस्चार्ज कम होने के चलते कटान तेज हुई है। युद्धस्तर पर बचाव कराया जा रहा है। मुख्य बांध को कटने नहीं दिया जाएगा। शनिवार को बांध के किमी 12.250 से किमी 12.400 के बीच बाघाचौर में 20 मीटर नया एप्रन लांच होने से बचाव कार्य में और तेजी आ गई। बाघाचौर से लेकर अहिरौलीदान तक लगभग दो किमी तक बनाया गया एप्रन दो दिन में लांच हो जाएगा।

कटान से बाघाचौर, बांक खास, सिसवा, अहिरौलीदान, मठिया श्रीराम सहित एक दर्जन गांव खतरे की जद में हैं। पिपराघाट में लगे गेज पर जलस्तर खतरा के निशान 76.20 मीटर से 1.40 मीटर नीचे 74.80 मीटर पर आ गया। बांध के किमी 17 अहिरौलीदान के कचहरी टोला, किमी 12.500 से किमी 13.500 बाघाचौर नोनिया पट्टी के सामने, नरवाजोत विस्तार बांध, अमवाखास बांध के किमी 7.500 से किमी 8.600 व लक्ष्मीपुर में दबाव बना हुआ है। कचहरी टोला, नरवाजोत-पिपराघाट बांध के किमी 950 से किमी 1.1450 पर बचाव कार्य चल रहा है। एसडीओ बाढ़ खंड एसके प्रियदर्शी ने कहा कि लांच किए एप्रन पर बचाव कार्य जारी है। बांध पूरी तरह सुरक्षित है।

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