Wednesday, January 14, 2026
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कुशीनगर : गंडक में तीन सौ पार हुए ”घड़ियाल”

– चंबल के बाद गंडक बनी सर्वाधिक घड़ियाल वाली दूसरी नदी

– नदी के 140 किमी इलाके को घड़ियाल संरक्षण परियोजना घोषित करने की तैयारी

– घड़ियालों के लिए गंडक नदी हैबिटेट बनकर उभरा

– वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सहायक प्रबंधक सुब्रत कुमार बेहरा ने की है मॉनिटरिंग

कुशीनगर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश और बिहार राज्य से गुजरने वाली गंडक नदी घड़ियालों के लिए सुरक्षित बन गई है। दुनिया के नक्शे पर गंडक नदी अब घड़ियालों के हैबिटेट के रूप में तेजी से उभरा है। अब इसमें घड़ियालों की संख्या 300 को पार कर गयी है। यह तथ्य वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सहायक प्रबंधक सुब्रत कुमार बेहरा की मॉनिटरिंग में सामने आया है।

घड़ियालों की बढ़ती संख्या और हैबिटेट को देखते हुए वन एवं पर्यावरण विभाग ने गंडक नदी के 140 किलोमीटर के इलाके को घड़ियाल संरक्षण परियोजना घोषित करने की तैयारी कर रहा है। वजह, चम्बल के बाद गंडक नदी दूसरी ऐसी नदी बन गई है, जिसमें घड़ियालों की संख्या इतनी अधिक आंकी जा रही है। बता दें कि, पाकिस्तान, म्यांमार और भूटान की नदियों को घड़ियालों ने पहले ही अलविदा कह दिया है।

वर्ष 2010 में 10-15 घड़ियाल हुए थे चिह्नित

नेपाल से निकल कर यूपी के रास्ते बिहार में वाल्मीकिनगर में प्रवेश करने वाली गंडक नदी बिहार प्रान्त के सोनपुर में गंगा में मिलती है। वर्ष 2010 में पहली बार इसमें घड़ियालों के संरक्षण के लियूए कदम उठाया गया। तब 10-15 घड़ियालों की पुष्टि हुई थी। फिर, घड़ियाल संरक्षण परियोजना की शुरुआत हुए संजय गांधी जैविक उद्यान से 30 घड़ियालों यहां लाया गया। वर्ष 2014-15 में गंडक नदी में चिप्स के साथ छोड़े गए घड़ियालों के बच्चों की मॉनिटरिंग शुरू हुई। अब इनकी बढ़ती संख्या को देखते हुए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के साथ वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया ने इस प्रजाति को संरक्षित करने के लिए मुहिम शुरू की है।

सहायक प्रबंधक बोले

वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सहायक प्रबंधक सुब्रत कुमार बेहरा के मुताबिक मॉनिटरिंग के दौरान घड़ियालों की संख्या के बारे में अनुमान लगाया जा रहा है। अभी 300 के पार होने का अनुमान है। गंडक नदी सबसे अच्छा हैबिटेट बनकर उभरा है। संख्या के लिहाज से गंडक नदी अब चम्बल नदी के बाद दूसरा इलाका बन गया है।

वन संरक्षक ने कहा

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन संरक्षक हेमकांत राय बताते हैं कि जून के महीने में घड़ियालों के अंडों से बच्चे निकलते हैं। अब इनके सरंक्षण की कवायद चल रही है। वर्ष 2014-15 में छोड़े गये घड़ियालों में चिप्स से सेटेलाइट मॉनिटरिंग शुरू हुई थी। ये पश्चिम बंगाल तक विचरण करते देखे गये हैं। गंडक नदी में इनका तेजी से प्रजनन हो रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार की ओर से नदी के करीब 120 किमी0 लम्बाई को संरक्षित क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव है। इससे घड़ियालों और अन्य जलीय जीवों की सुरक्षा व संरक्षण योजनाबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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