-पंचामृत, दुग्ध, फूलों व फलों के रस से हुआ भगवान का अभिषेक
कुशीनगर(हि. स.)। अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कान) के कसया केंद्र में मनाए गए कृष्ण जन्म उत्सव में देर रात तक भक्ति रस की बयार बहती रही। श्रीकृष्ण प्रतिमा के अभिषेक व पूजन के बाद लोग कथा व भजन,गीत,संगीत के कार्यक्रम से सराबोर होते रहे। पांडाल जयकारों से गूंजता रहा।
शुक्रवार रात कार्यक्रम का शुभारंभ महिलाओं की मंगल आरती से हुआ। इस्कान केन्द्र के प्रचार प्रमुख गोविंद गोपाल दास ने पूर्व नपा अध्यक्ष कृष्ण कुमार के हाथों कृष्ण प्रतिमा का पंचामृत, गौ दुग्ध व घृत, फूलों व फलों के रस , छप्पन भोग से अभिषेक कराया। इस अवसर पर सुंदर तरीके से भगवान कृष्ण का शृंगार किया गया था। श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि भगवान कृष्ण के जीवन से सीख लेने की जरूरत है।
कृष्ण का बचपन ऐसा रहा कि आज भी हर मां अपने बेटे को कान्हा कहती है। प्रेम ऐसा किया कि लोग लड़कों को कहते हैं कि बड़ा कन्हैया बना फिरता है। युद्ध ऐसा रचाया कि पांच असहाय निर्बल युवाओं को सत्ता दिला दी।गीता के रूप में ऐसा ज्ञान दिया कि एक हजार नोबल पुरस्कार भी कम पड़ जायेंगे। प्रसाद वितरण के साथ उत्सव का समापन हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगेश मद्धेशिया, संजय मद्धेशिया, प्रेमलता, डॉ. भावना, विजय वर्मा, शिव वर्मा समेत सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। जिले के सेवरही, फाजिलनगर, हाटा, कप्तानगंज, पड़रौना, खड्डा आदि नगरों व बाजारों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया।
गोपाल
