अलवर(हि.स.)। केंद्र सरकार द्वारा किसानों की सभी मांगे मानने के बाद अब अलवर जिले के शाहजहांपुर बॉर्डर पर चल रहा किसान आंदोलन शुक्रवार को समाप्त हो गया। यहां बैठे किसान गुरुवार से ही अपने टैंट व तंबू खोलने में लग गए थे। शुक्रवार सुबह 10 बजे किसानों ने एकत्रित होकर आमसभा की। उसके बाद किसानों का साफा व फूलमाला पहनकर स्वागत किया गया। किसान बेहद खुश थे क्योंकि काफी लंबे चले आंदोलन के बाद जीत आखिर उनकी हुई। इसके बाद सभी किसान अपने घरों को रवाना हो गए।

किसान नेता राजाराम मील ने बताया कि किसानों ने आंधी, तूफान, गर्मी, बरसात सब झेला लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारी। इसी का परिणाम है कि आज सरकार को झुकना पड़ा है। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी को किसान संयुक्त मोर्चा की बैठक होगी आगे रणनीति उसमें ही तय होगी। किसान नेता योगेंद्र यादव ने बताया कि किसानों की सभी मांगे केंद्र सरकार ने मान ली है लेकिन एमएसपी की लड़ाई अभी बाकी है। किसानों को जीतने के बाद घर जाकर सोना नहीं है। घर-घर जाकर किसानों को जागरूक करना है। आमसभा में किसान नेताओं ने आंदोलन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। अलवर जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर भी किसान ने नेताओं से मिले। छिल्लर शुरू से किसानों के साथ थे। इसी बीच जिला परिषद के वह जिला प्रमुख भी बन गए। छिल्लर ने कहा कि सरकार अगर नहीं मानती है तो हम दुबारा तैयार बैठे है। हम घर ही तो जा रहे है। इस दौरान किसान नेता पेमाराम, अमराराम सहित अनेक किसान मौजूद रहे।

किसान आंदोलन की समाप्ति के फैसले से गुरुवार की दोपहर से ही शाहजहांपुर बॉर्डर पर किसान अपने टैंट-तंबू हटाने लग गए थे। शुक्रवार की सुबह भी यह काम जारी रहा। किसान स्वयं अपने तंबू डेरों को हटाकर अपने वाहनों में भरकर ले जा रहे हैं। किसानों ने अपने घर लौटने से पहले किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
मनीष बावलिया/संदीप
