बागवानी सम्मेलन में सीएसए में जुटेंगे देश विदेश के वैज्ञानिक
कानपुर (हि.स.)। सीएसए में नौंवी भारतीय बागवानी सम्मेलन होने जा रहा है और बागवानी फसलों में उत्पादकता बढ़ाने वाले शोधों व नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही चार दिवसीय महासम्मेलन में देश विदेश के बागवानी वैज्ञानिक और शिक्षक अपने-अपने व्याख्यान देंगे और यह सम्मेलन 18 से 21 नवम्बर तक चलेगा। इस सम्मेलन में देश विदेश के वैज्ञानिक मंथन करेंगे कि किस तरह से किसानों की आय दोगुना की जा सके। यह जानकारी सीएसए के मीडिया प्रभारी डॉ खलील खान ने दी।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के कुलपति डॉक्टर डीआर सिंह के नेतृत्व में नौंवी भारतीय बागवानी सम्मेलन में देश के लगभग 400 से अधिक वैज्ञानिक एवं शोधार्थी शिक्षक प्रतिभाग करेंगे। जबकि 500 से अधिक वैज्ञानिक/ शिक्षक/ शोधार्थी फेसबुक, यूट्यूब के माध्यम से सीधे जुड़े रहेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से पद्म श्री डॉक्टर के एल चड्डा, बागवानी कमिश्नर एसके मल्होत्रा यूनिवर्सिटी आफ हॉर्टिकल्चर, वेस्ट गोदावरी आंध्र प्रदेश के कुलपति डॉ टी.जानकी रमन, डीआरडीओ नई दिल्ली के निदेशक डॉ संजय कुमार द्विवेदी, जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ बलराज सिंह, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉक्टर बीवी पटेल, अध्यक्ष कृषि और प्रसंस्करण खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण नई दिल्ली के डॉक्टर एम.अंगामुथु सहित कृषि लागत एवं मूल्य आयोग के सदस्य डॉ एमपी सिंह सहित अनेक अन्य प्रमुख उद्यान विद देश एवं प्रदेश में बागवानी फसलों के उत्पादन को बढ़ाने तथा उनके विभिन्न मूल्य संवर्धन उत्पाद तथा विदेशों में निर्यात बढ़ाने के साथ-साथ कृषकों की आय बढ़ाने पर गहन विचार-विमर्श के साथ ही अपने अपने क्षेत्रों में किए गए विभिन्न शोध कार्यों का व्याख्यानों के माध्यम से प्रस्तुतीकरण करेंगे।
संगोष्ठी के स्थानीय आयोजक सचिव एवं निदेशक शोध डॉ एच डी प्रकाश तथा सह आयोजक सचिव विभागाध्यक्ष उद्यान विज्ञान डॉ वीके त्रिपाठी ने बताया कि देश एवं प्रदेश के बागवानी की विभिन्न समस्याओं पर कृषकों एवं वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद कराकर तथा उद्यानिकी क्षेत्रों में कार्य कर रहे बागवान किसानों से सीधा संपर्क कर अन्य कृषकों को भी बागवानी कार्य के प्रति आकर्षित किया जाएगा, जिससे उनके जीवन यापन की दशा में आशातीत वृद्धि हो सके और किसानों की आय दोगुनी हो। विश्वविद्यालय की मीडिया प्रभारी डॉ खलील खान ने बताया की कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियां बनाई गई हैं तथा सभी समितियों के अध्यक्ष, संयोजक एवं सदस्य अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहे हैं।
