– श्री काशी मराठा गणेश उत्सव समिति का गणेश उत्सव प्रारम्भ, गूजां गणपति बप्पा मोरया की गूंज
वाराणसी (हि.स.)। काशीपुराधिपति की नगरी बुधवार से प्रथम पूज्य भगवान गणेश की आराधना में लीन हो गई है। उत्सव सरीखे माहौल में गणेश चतुर्थी पर नगर के विभिन्न पूजा पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित करने के बाद प्राण प्रतिष्ठा वैदिक मंत्रों के बीच की गई।
इसके बाद विधि विधान से पूजन अर्चन कर कहीं पांच दिवसीय तो कहीं सात दिवसीय गणेशोत्सव शुरू हो गया। पूजा पंडालों में लोग दर्शन पूजन के लिए उमड़ पड़े। पूजा पंडालों में शंख व घंटों की गूंज के बीच लोग गणपति बप्पा मोरिया, मंगल मूर्ति मोरिया जयकारा भी लगाते रहे।
आसभैरो स्थित अग्रवाल भवन के सभागार में श्री काशी मराठा गणेश उत्सव समिति की ओर से मुम्बई के प्रसिद्ध लाल बाग के राजा श्री गणेश की प्रतिमूर्ति स्थापित की गई। शहर दक्षिणी के पूर्व विधायक भाजपा नेता श्यामदेव राय चौधरी ने दीप जलाकर व महाआरती कर उत्सव का आगाज किया। खुण्टे जी महाराज के आचार्यत्व मे 16वां श्री गणेश उत्सव में देश में सभी नागरिकों के उत्तम स्वाथ्य की कामना की गई। महाआरती में श्री काशी विश्वनाथ डमरूदल ने डमरू बादन किया। उत्सव में शाम को चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें 24 प्रतिभागी शामिल हुए।
समारोह में माणिक राव पाटिल, संतोष पाटिल, ताना जी पाटिल, हणमंत राव मोरे, सुहाष पाटिल, आंनद सूर्यवंशी, अजीत पाटिल, अन्ना मोरे आदि की उपस्थिति रहीं। इसी क्रम में अगस्त कुंडा स्थित शारदा भवन में पंडित संजय चांडेकर के आचार्यत्व में वेद मंत्रों के साथ षोडशोपचार पूजन के बाद गणेशोत्सव शुरू हुआ। 1929 में पंडित गौरीनाथ पाठक ने उत्सव को लघु रूप से प्रारंभ किया था।
श्रीधर
