लखनऊ (हि.स.)। स्नान-दान पर्व कार्तिका पूर्णिमा 19 नवम्बर को मनाया जाएगा। हिन्दी महीने के कैलेण्डर के अनुसार कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को स्नान पर्व मनाया जाता है। इस तिथि में श्रद्धालु भोर में स्नान कर दान-पुण्य करते हैं। गंगा नदी के किनारे यह पर्व बड़े भक्ति और श्रद्धा से मनाया जाता है। इसके अलावा अन्य पवित्र नदियों में स्नान कर श्रद्धालु पर्व को मनाते हैं। इसे देव दीवाली भी कहा जाता है। गृहस्थ लोग अपने घरों में दीये जलाते हैं। इस तिथि में गन्ना खाने की भी परम्परा है। इस तिथि में सिख धर्म के प्रवर्तक गुरू नानक देव जी की जयंती भी मनाई जाती है।
गंगा में होता है स्नान
इस तिथि में प्रदेश में गंगा नदी के किनारे बसे शहर वाराणसी, प्रयाग, कानपुर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु स्नान करने आते हैं। लखनपुरी में आदि गंगा गोमती में भी काफी संख्या में श्रद्धालु डुबकी मारते हैं। यहां नदी के किनारे बड़ा सा मेला भी लगता है।
ब्रह्म मुहुर्त में स्नान करना है श्रेष्ठ
पुराने शहर चौक के रहने वाले बुजुर्ग पं. मंगलू पाधा बताते हैं कि यहां चौक के पास कुड़िया घाट, पक्का पुल के लल्लूमल घाट पर स्नान होता है। कार्तिक पूर्णिमा पर यहां पहले तो हजारों-लाखों की संख्या में श्रद्धालु स्नान करने आते थे, लेकिन अब संख्या में कुछ कमी आई है। कोरोना के कारण पिछले साल तो स्नान नहीं हुआ। पाधा जी बताया कि स्नान ब्रह्म मुहूर्त में करना श्रेष्ठ बताया गया है, लेकिन अगर उस समय नहीं कर पाते हैं तो 12 बजे से पहले तो अवश्य ही कर लेना चाहिए। तभी स्नान का फल मिलता है। उन्होंने बताया कि इसे देवताओं की दीपावाली कहा जाता है। लोग भी अपने घरों में दीपक जलाते हैं। गन्ना भी लोग खाते हैं।
गोमती के किनारे लगता है मेला
बताया कि गोमा के किनारे लगने वाला मेला भी कुड़िया घाट से लेकर पक्केपुल तक लगता था। जहां घरेलू उपयोग की लोहे के वस्तुएं, लकड़ी का सामान, चीनी-मिट्टी का सामान, सिल-बट्टे, प्लास्टिक का सामान सहित बहुत सारी वस्तुएं मिलती हैं। पिछले साल कोरोना के कारण मेला नहीं लगा। उसके तीन साल पहले मेला हनुमान सेतु के पास झूलेलाल वाटिका में लगा था। जिसमें काफी लोग आए थे।
देव दीपावली पर होगी गोमा मैया की आरती
देव दीपावाली की पूर्व संध्या पर शुभ संस्कार समिति की ओर से लखनपुरी के कुड़िया घाट पर दीप दान कार्यक्रम होगा। समिति के लक्ष्मी कांत पाण्डे ने बताया कि ‘आओ मिलकर दीये जलाएं, मां गोमती को निर्मल बनाएं‘ कार्यक्रम में हर व्यक्ति संकल्प के साथ पांच दीये जलाएगा।
महामंत्री रिद्धि किशोर गौड़ ने 19 नवम्बर को दीपदान किया जाएगा। उपाध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने बताया कि मां गोमती की आरती भी की जाएगी। उधर श्रीमनकामेश्वर मठ-मंदिर की ओर से भी श्रीमनकामेश्वर उपवन घाट पर गोमती की महा आरती की जाएगी।
