लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कारागार एवं होमगार्डस राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने शनिवार को जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। इससे पहले मंत्री को जेल गार्द की ओर से सलामी दी गई । कारागार की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कारागार की साफ-सफाई एवं व्यवस्था की सराहना की गयी।
इस दौरान जेलमंत्री ने कारागार के बन्दियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि कोई भी बन्दी कारागार में आने पर अपने माता-पिता, भाई-बहन तथा अन्य नाते-रिस्तेदारों को असीम कष्ट देते हैं यह इनके प्रारब्ध पूर्व जन्मों के कर्मों का फल होता है। बन्दियों को अपने आचरण में सुधार लाना चाहिये। कारागार में रहते हुए कारागार के विभिन्न व्यवसायों में दक्ष होकर तथा कारागार में संचालित विभिन्न सुधार कार्यक्रमों में सुरूचि पूर्ण ढंग से भाग लेकर सभ्य नागरिक बनना चाहिये। सभी बन्दियों को गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र का जाप जरूर करना चाहिये।
बन्दियों से संवाद करते हुये मंत्री ने कहा कि आपसे जो जाने अनजाने में अपराध हुआ है उसका पश्चाताप कीजिए। घटित अपराध को भूलकर आत्म चिन्तन करते हुए अपनी समस्त बुराईयों को कारागार के अन्दर छोड़कर हुनर सीखकर कारागार से बाहर जाने को कहा। कारागार में सबसे अधिक जनसंख्या युवा वर्ग की होने पर मंत्री व्यथित होते हुये उनको अपने आचरण में सुधार करने के लिए मार्गदर्शन किया।
यह भी कहा कि जो अपने माता-पिता को दुःख देता है वह कभी संसार में सुखी नहीं रह सकता है। आपके कारागार के अन्दर आ जाने से सबसे अधिक दुखः माता-पिता व परिवारीजनों को ही होता है। अतः कारागार से बाहर निकल कर फिर से आपसे ऐसा कोई कार्य न हो जिससे पुनः कारागार में आना पड़े। मंत्री के उद्बोधन को सुनकर कई बंदी रोने भी लगे । इस अवसर पर जेल अधीक्षक आशीष तिवारी, कारापाल ,उपकारापाल ,चिकित्साधिकारी ,फार्मासिस्ट व अन्य कारागार कार्मिक उपस्थित रहे।
दीपक
