— वीएसएसडी कॉलेज में आयोजित हुआ मेगा करियर काउंसलिंग सेशन
कानपुर (हि.स.)। वैश्वीकरण के दौर में परंपरागत नौकरियों का दौर जाने को है और सरकारी नौकरियां सीमित संख्या में हैं। नब्बे प्रतिशत नौकरियां प्राइवेट सेक्टर में हैं। प्राइवेट सेक्टर एक प्रतियोगी क्षेत्र है। यहां पर हायर या फायर का काम होता है। ऐसी दशा में व्यक्ति की योग्यता ही उसके जॉब सिक्योरिटी की गारंटी होती है।
यह बातें सोमवार को वीएसएसडी कॉलेज के वोकेशनल ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट असिस्टेंस सेल द्वारा आयोजित करियर काउंसिलिंग सेमिनार में बतौर मुख्य वक्ता छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर रोजगार ब्यूरो के प्रमुख डॉ. सिधांशु राय ने कहीं।
उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर का दौर योग्यता और प्रतिस्पर्धा का है। एक व्यक्ति अपनी काबिलियत के बल पर जितनी जल्दी हायर होता है थोड़ी सी गलती करने पर या फिर संतोषजनक प्रदर्शन न होने पर उतनी ही तेजी से फायर किया जाता है। इसके अच्छे और खराब दोनों पहलू हैं। विश्वविद्यालय इम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज ब्यूरो के प्रमुख डॉ0 राय ने कहा कि बाजार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप हमें अपनी योग्यता भी निरंतर अपडेट करते रहनी होंगी। सिधांशु राय ने छात्रों को कम्यूनिकेशन स्किल और व्यक्तित्व विकास के गुर भी बताये।
मोटिवेशनल स्पीकर डॉ शिवा मिश्रा ने छात्रों को बदलते दौर की मांग के अनुसार अपने करियर का चयन करने के सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है और इसके बल पर किसी भी क्षेत्र में स्वरोजगार की संभावना पैदा की जा सकती है। वीएसएसडी प्रबंध समिति की सह सचिव नीतू सिंह ने छात्रों को आश्वासन दिया कि महाविद्यालय प्रबंधन छात्रों को रोजगार के लिए उपयुक्त बनाने के लिए कई उपक्रम करेगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही महाविद्यालय की ओर से इंडस्ट्री विजिट और इंटर्नशिप के कार्यक्रम चलाये जाएंगे।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ0 बिपिन चंद्र कौशिक ने कहा कि महाविद्यालय का वोकेशनल ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट असिस्टेंस सेल छात्रों को उनके विषय और रूचि के अनुसार प्रशिक्षण और परामर्श सुविधायें देने को संकल्पित है। इस दौरान डॉ. संदीप दीक्षित, मुख्य अनुशासक डॉ. अजय भूपेंद्र जायसवाल, डॉ0 राकेश शुक्ल, डॉ. राम तिवारी, अभिलेख सिन्हा, डॉ0 मनु मिश्रा, डॉ0 विपेंद्र सिंह परमार, डॉ. कीर्ति गुप्ता, निकिता सक्सेना, अनिल कुशवाहा आदि मौजूद रहें।
महमूद/मोहित
