Tuesday, March 31, 2026
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कानपुर : संदीप के पुलिस से हैं गठजोड़, नौबस्ता इंस्पेक्टर की सीडीआर निकालकर की जाए जांच

मंडल मंत्री सैलजा सिंह ने प्रकरण में संदीप के इशारे पर कार्यवाही करने का आरोप लगाते हुए पुलिस आयुक्त को सौंपा ज्ञापन 

कानपुर (हि.स.)। 
जनपद के दक्षिण क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के मामले में भाजपा की महिला मंडल मंत्री ने पुलिस आयुक्त से शनिवार को मुलाकात की है। उन्होंने प्ररकण में वर्चस्व की लड़ाई के चलते हिस्ट्रीशीटर संदीप सिंह के इशारे पर पुलिसिया कार्रवाई की बात कही। उन्होंने संदीप के कई एसीपी से लेकर कई इंस्पेक्टरों से गहरी पैठ होने का आरोप लगाते हुए सीडीआर निकलवाकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
भारतीय जनता पार्टी दक्षिण की मंडल मंत्री सैलजा सिंह ने आज पुलिस आयुक्त असीम अरुण से नौबस्ता पुलिस की हिरासत से हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को छुड़ाने के प्रकरण में मुलाकात की। उन्होंने तीन पन्नों को ज्ञापन देते हुए इस मामले में बर्रा के रहने वाले हिस्ट्रीशीटर रहे संदीप ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि संदीप ने अपने रसूख और पैसे के दम पर पहले पार्टी में युवा मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष का पद हासिल किया। इसके बाद उसके अपनी पुलिस में करीबियों के जरिए कई लोगों को फांसने व धमकाने का खेेल किया जाता रहा।
मंडल मंत्री ने बेहद संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि संदीप के वर्तमान में एसीपी नजीराबाद, एसीपी गोविन्द नगर, इंस्पेक्टर नौबस्ता, घाटमपुर सहित कई पुलिस कर्मियों से उठना बैठना है। इसके चलते ही उसके कहने पर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर मनोज को छुड़ाने के मामले में एक तरफा कार्यवाही करते हुए निर्दोषों पर मुकदमे दर्ज किए हैं। जिन लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए हैं उनमें कई तो वहां खड़े थे। साथ ही हिस्ट्रीशीटर मनोज व संदीप के बीच वर्चस्व की लड़ाई चली आ रही है। 
घटना वाले दिन भी ऐसा ही हुआ मनोज को सादी वर्दी में उठाने वाले पुलिस कर्मियों को लेकर उसने संदीप के गुर्गें होने की बात कहते हुए जान बचाने के लिए चिल्ला रहा था। इस दौरान नारायण सिंह भदौरिया के जन्मदिन पार्टी में आए लोगों शोर सुनकर पास पहुंच गए थे। जिन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है उन्होंने अपराधी को छुड़ाने की कोई प्रयास नहीं किया था। मंडल मंत्री ने मामले में नौबस्ता इंस्पेक्टर सतीश कुमार सिंह के हिस्ट्रीशीटर संदीप की घटना के दौरान मोबाइल कॉल होने का आरोप लगाते हुए सीडीआर निलवाकर दोनों की बातचीत के आधार पर प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। 
उधर, गिरफ्तार नारायण सिंह भदौरिया, गोपाल शरण चौहान, रॉकी यादव, हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को आज पुलिस कोर्ट में पेश कर जेल में भेजने लेकर पहुंची थी। जहां अधिवक्ताओं द्वारा पेशी के दौरान एक तरफा कार्यवाही को लेकर प्रकरण में माहौल खराब होने की आंशका के चलते भारी पुलिस मुस्तैद रही। साथ ही पीएसी बल भी तैनात रहा। भारी सुरक्षा के बीच सभी आरोपियों को कोर्ट में पेशी के बाद चौबेपुर अस्थाई जेल भेज दिया गया।

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