Friday, March 20, 2026
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कानपुर संजीत हत्याकांड: एक साल बाद भी न्याय के लिए भटक रहा परिवार

 शव न मिलने से पुलिस की कार्यशैली से नाराज है बहन, कहा मिला तो सिर्फ आश्वासन

कानपुर (हि.स.)। देशभर के चर्चित कांड बिकरु में संजीत अपहरण व हत्याकांड की ओर कोई ध्यान देने वाला नहीं था। जब मामला जोर पकड़ा तो एसएसपी ने एक माह बाद घटना का खुलासा कर दिया, लेकिन पुलिस ने आज तक मेरे भाई का शव नहीं खोज पाई है। पुलिस की कार्यशैली शुरु से ही संदेहास्पद रही। यह बात अलग है की लापरवाही के रवैये को देख शासन ने एसपी सहित आठ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया, लेकिन हमें तो न्याय नहीं मिला। अधिकारी और पुलिसकर्मी बहाल होकर दोबारा नौकरी कर रहे हैं, पर हम आज भी न्याय के लिए भटक रहे हैं। यह आरोप और किसी के नहीं संजीत की बहन के हैं जो एक साल बाद भी न्याय की उम्मीद लगाये हुए है। बर्रा थाना क्षेत्र निवासी लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का बीते साल 22 जून को अपहरण हो गया था। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने उसके परिजनों से 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। फिरौती देने के बाद भी हत्यारों ने संजीत को नहीं छोड़ा था। इस मामले में 23 जुलाई 2020 को एसएसपी दिनेश कुमार पी ने वीडियो जारी कर खुलासा करते हुए बताया था कि अपहरणकर्ताओं ने 26 से 27 जून के बीच में संजीत यादव का मर्डर किया है। इसकी आशंका पहले से जताई जा रही थी। एसएसपी ने बताया कि कई टीमें गठित की गईं थी और 29 जून को फिरौती की मांग की गई थी। मृतक के दो दोस्तों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक 26 से 27 जून के बीच ही मर्डर किया गया था और शव को पांडु नदी में फेंक दिया गया था। मामले में कार्रवाई करते हुए संजीत अपहरण हत्याकांड मामले में तत्कालीन एसपी अपर्णा गुप्ता समेत कुल आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। निलंबन के बाद एसपी दीपक भूकर ने कमान संभाली और कई दिनों तक पाण्डु नदी में जाल डलवाया गया, लेकिन संजीत का शव नहीं मिला, जिससे परिजनों को आशंका है कि हत्यारों को कोर्ट से लाभ मिल सकता है और वह लोग छूट सकते हैं। पुलिस से मिला सिर्फ आश्वासन
संजीत की बहन रुचि का कहना है कि कई बार मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास किया गया, पर कानपुर पुलिस ने नहीं मिलने दिया। हर बार पुलिस सिर्फ आश्वासन ही देती रही और आज भी हम लोग आश्वासन में ही न्याय की उम्मीद लगाए हैं, लेकिन यह सच है कि पुलिस ने जिस प्रकार लापरवाही बरती है, उससे शायद ही न्याय मिल सके। संजीत की मां और बहन रुचि का कहना है कि उनके भाई के साथ मानव तस्करी की गई है। पूरा परिवार पुलिस-प्रशासन और उसकी कार्यशैली पर उंगलियां उठा रहा है। परिवार का कहना है कि उनके साथ इंसाफ नहीं हुआ है। बताते चलें कि इस मामले में अभी भी जांच चल रही है।

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