कानपुर (हि.स.)। कानपुर शहर के कई इलाकों में इन दिनों डायरिया का प्रकोप बढ़ रहा है। इसके पीछे की वजह जानने की जब स्वास्थ्य विभाग ने कोशिश की तो चौंकाने वाला मामला सामने आया। जांच में पता चला कि इन इलाकों में सीवर लाइन न होने से सोख्ता टैंकों से गंदा पानी भूगर्भ में समा रहा है।
भूगर्भ के पानी में खतरनाक नाईट्राइट और ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि करीब छह इलाकों में हो चुकी है। इसको देखते हुए जलकल विभाग टैंकरों से उन इलाकों में पानी पहुंचा रहा है और लोगों को भूगर्भ के पानी को पीने से मना कर रहा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट है और उन इलाकों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें बराबर दवाइयां वितरित कर रही हैं।
शहर में बीते कई दिनों से जूही, बंबुरिया, लोहरन भट्टा, रावतपुर गांव के आनंद नगर, धनुकाना के साथ अंसारी मोहल्ला और ग्वालटोली मकबरा में 67, बर्रा के हरदेव नगर में डायरिया का प्रकोप है। अब तक इन इलाकों में करीब 90 लोग डायरिया से पीड़ित हो चुके हैं। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आनंद नगर और धनुकाना सहित छह इलाकों के भूगर्भ के पानी के नमूने लिये और जांच के लिए लखनऊ भेजा। जांच रिपोर्ट में पता चला कि भूगर्भ के पानी में नाइट्राइट और ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग और जलकल विभाग अलर्ट हो गया। स्वास्थ्य विभाग जहां इन इलाकों में डाक्टरों की टीम भेजकर दवाएं वितरित कर रही है तो वहीं जलकल विभाग साफ पानी टैंकरों के जरिये पहुंचा रहा है। इसके साथ ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि भूगर्भ का पानी न पीएं।
एसीएमओ डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि छह नमूने में ईकोलाई बैक्टीरिया मिला है, जो डायरिया फैलने की वजह बना। जिन इलाकों के भूगर्भ के पानी में ये हानिकारक रसायन और बैक्टीरिया मिले हैं वहां पर जल निकासी की व्यवस्था सही नहीं है। सीवर भी नहीं है जिससे नाली में गंदगी एवं सीवर बहाया जाता है। इसके साथ ही घरों पर ही सेफ्टी टैंक बने हुए हैं। इससे सीवर का गंदा पानी भूगर्भ में पहुंच चुका है। हैंडपंप और समर्सिबल पंप के जरिये उस पानी को लोग पी रहे हैं, जिससे डायरिया का प्रकोप बढ़ा हुआ है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
जलकल सचिव केपी आनंद ने बताया कि डायरिया प्रभावित क्षेत्रों में सीवर एवं पेयजल लाइन नहीं है। ऐसे में लोग सोख्ता और खुले मैदानों में सीवर की निकासी को मजबूर हैं। यह दूषित पानी रिसकर भूजल तक पहुंचता है। वहां से हैंडपंप एवं समर्सिबल के जरिये लोगों के घरों तक यही पानी पहुंच जाता है, जिसे पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर से पानी भेजा जा रहा है। वहीं नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने राजपुरवा, लोहारन भट्ठा, जूही बंबुरहिया, आनन्द नगर, धानुकाना, अंसारी मोहल्ले में सफाई कराने के साथ चूना का छिड़काव कराया जा रहा है।
अजय
