Tuesday, March 3, 2026
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कानपुर : शराब माफिया और पुलिस के सिंडिकेट से प्रतापगढ़ में पत्रकार की हुई हत्या : अवनीश दीक्षित

— पत्रकार की हत्या के विरोध में कानपुर प्रेस क्लब के बैनर तले पत्रकारों ने किया प्रदर्शन

कानपुर (हि.स.)। प्रतापगढ़ जनपद में पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की हत्या शराब माफियाओं और पुलिस के सिंडिकेट के चलते हुई है, क्योंकि पत्रकार सुलभ शराब माफिया के खिलाफ खबर चला रहा था। इस पर उसे जान से मारने की धमकी भी मिली थी और पुलिस के आलाधिकारियों से शिकायत के बाद वही हुआ जिसका उसे अंदेशा था। यही नहीं पुलिस हत्या को हादसा दिखाने पर तुली है, जिससे साफ होता है कि जनता की आवाज दबाने के लिए पुलिस ऐसा कर रही है। चौथे स्तंभ को कमजोर करने वाले शराब माफियाओं के खिलाफ अगर सख्त कार्यवाही नहीं हुई तो मीडिया जगत से जुड़े सभी लोग सड़कों पर उतर आएंगे। यह बातें सोमवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए कानपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अवनीश दीक्षित ने कही। 

प्रतापगढ़ में हुई पत्रकार की हत्या मामले में कानपुर प्रेस क्लब ने शिक्षक पार्क में जोरदार आवाज बुलंद करते हुए प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसीएम अमित गुप्ता और एसीपी वृज नारायण सिंह को सौंपा। पत्रकारों ने घटना की सीबीआई जांच व पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की मुआवजा राशि दिये जाने की मांग की। प्रेस क्लब के महामंत्री कुशाग्र पांडेय ने कहा कि मृतक पत्रकार को शराब माफियाओं ने धमकी दी थी और घटना को अंजाम दिया गया। सच को सामने लाने के लिए शराब माफियाओं ने ऐसा जघन्य अपराध किया है और प्रशासन उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करे। पत्रकारों ने मृतक पत्रकार के प्रति सामूहिक रुप से शोक व्यक्त किये और निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाने के लिए एकता दिखाई। 
प्रेस क्लब के अध्यक्ष अवनीश दीक्षित ने कहा कि इंसाफ की लड़ाई अधूरी नहीं रहेगी। हत्या को हादसा बताने की साजिश शराब माफिया के इशारे पर हुई है। प्रतापगढ़ मे शराब माफिया और पुलिस का सिंडिकेट है। यह बात ऊपर तक सबको पता है। इस प्रकरण में कानपुर प्रेस क्लब सीबीआई जांच कराने और पीड़िता परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग करता है। अगर ऐसा नहीं होगा तो फिर पत्रकार प्रदर्शन कर सदन को घेरने का भी काम करेंगे। बताया कि मृतक पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव घटना के एक दिन पहले ही अपनी जान को खतरा बताते हुए एडीजी जोन प्रयागराज और एसपी प्रतापगढ़ को पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने लिखा था कि शराब माफिया के खिलाफ खबर चलाने के बाद से धमकियां मिल रही थीं और उनका पीछा किया जा रहा था। रविवार रात ईंट भट्ठे के पास वह अर्धनग्न अवस्था में मृत पड़े मिले और पुलिस ने कहा दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। इस दौरान कोषाध्यक्ष अभिलाष बाजपाई, उपाध्यक्ष सुनील साहू, मोहित वर्मा, इब्ने हसन जैदी, चंदन जायसवाल, अभिनव श्रीवास्तव, अजय पत्रकार, रमन गुप्ता, अजय गुप्ता, हनी जायसवाल, विवेक पांडेय उर्फ सोनू पांडेय, राहुल वाजपेई आदि मौजूद रहें।

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