Friday, February 13, 2026
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कानपुर रिंग रोड की लंबाई अब हुई 93 किमी, लखनऊ एक्सप्रेस वे जुड़ जाएगा चकेरी एयरपोर्ट

शहर के अंदर भारी वाहनों का नहीं रहेगा दबाव, रिंग रोड वाहनों का बचेगा समय

कानपुर (हि.स.)। महानगर में जाजमऊ नौबस्ता फ्लाई ओवर बनने से प्रयागराज और लखनऊ से आने वाले वाहन भले ही कानपुर देहात की ओर सीधा निकल जाते हों, पर अभी भी अन्य दिशाओं के वाहनों को शहर में प्रवेश होना पड़ता है। ऐसे में शहर के अंदर यातायात का दबाव कायम है और इसको कम करने के लिए रिंग रोड परियोजना को परिवहन मंत्रालय अंतिम रुप देने जा रहा है। अंतिम रुप से स्वीकृत के अनुसार अब कानपुर रिंग रोड 93 किमी का होगा और चकेरी एयरपोर्ट को भी रिंग रोड से जोड़ा जाएगा। इससे अब चकेरी एयरपोर्ट के यात्री रिंग रोड से लखनऊ एक्सप्रेस के जरिये 50 मिनट में अमौसी एयरपोर्ट पहुंच जाएंगे।  
कानपुर के शहरी क्षेत्र में भारी वाहनों के यातायात दबाव से मुक्त करने की बहुप्रतीक्षित परियोजना कानपुर रिंग रोड परियोजना को सड़क परिवहन मंत्रालय अंतिम रुप से स्वीकृत देने जा रहा है। स्वीकृत के लिए मंडलायुक्त डा. राजशेखर राजमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमित घोष से निरंतर संपर्क में हैं। इसके साथ ही समन्वयक नीरज श्रीवास्तव बराबर दिल्ली जाकर फॉलो-अप कर रहे हैं। मंडलायुक्त ने बताया कि रिंग रोड के पूर्व प्रस्तावित अलाइनमेंट जो 105.879 किलोमीटर का है को स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की भूमि अधिग्रहण समिति के सामने रखा गया। प्राधिकरण के चेयरमैन ने योजना का प्रेजेंटेशन देखा जिस पर उन्होंने प्रस्तावित रिंग रोड एलाइनमेंट की लंबाई कम करने को कहा। एलाइनमेंट में कुछ संशोधन करके एक नया एलाइनमेंट 93 किलोमीटर का बनाया गया है।  इस तरह शहर में यातायात का कम होगा दबाव
मंडलायुक्त ने बताया कि रिंग रोड की लंबाई अब 105.879 किलोमीटर की जगह 93 किलोमीटर की होगी। जो मंधना-से राजमार्ग 19 पर संचेंडी में निकलेगी, संचेंडी से हमीरपुर रोड पर रमईपुर पर निकलेगी। रमईपुर से इलाहाबाद रोड पर पहले यह हाथीपुर पर निकल रहा था अब यह हाथीपुर की जगह चकेरी और रुमा के बीच निकलेगी। इलाहाबाद हाईवे से लखनऊ हाइवे में यह आटा के पास से गुजरेगी और फिर मंधना पे जुड़ जाएगी।
खर्च में आएगी कमी
रिंग रोड की लंबाई कम होने से अब भूमि अधिग्रहण लगभग 560 हेक्टेयर का होगा। भूमि अधिग्रहण पर लगभग 2609.06 करोड़ रुपये खर्च होगा। इसकी निर्माण लागत लगभग 2573.31 करोड़ होगी। रिंग रोड की कुल लागत अब 5182.37 करोड़ होगी जो पहले 6080 करोड़ थी। इस प्रकार रिंग रोड की लंबाई लगभग 13 किलोमीटर कम हो जाएगी और इसकी लागत भी 897.63 करोड़ रुपये कम हो गयी।

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