लखनऊ से आएंगी गंगा और गोमती टनल बोरिंग मशीनें
कानपुर(हि.स.)। देश में सबसे तेजी से कार्य करने में शुमार हो चुकी कानपुर मेट्रो परियोजना का निर्माण कार्य अब अंडरग्राउंड शुरु हो गया है। इसके लिए लखनऊ मेट्रो के निर्माण में प्रयोग हुई गंगा और गोमती टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) को लखनऊ से लाये जाने की तैयारी हो रही है। यह टनल बोरिंग मशीन अंडरग्राउंड की खुदाई करेंगी, तो वहीं टर्की से आने वाली टनल बोरिंग मशीनें अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों के निर्माण कार्य में सहयोग करेंगी।
यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) कानपुर मेट्रो के निर्माण के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है। पहले चरण के तहत आईआईटी से मोतीझील तक का सिविल कार्य लगभग पूरा हो चुका है और बिजली के पोल भी लगने लगे हैं। दूसरे चरण के तहत मोतीझील से घंटाघर के लिए भी काम चल रहा है। इसी चरण में नवीन मार्केट के पास से अंडरग्राउंड कार्य होना है और बीते दिनों एमडी कुमार केशव ने अंडरग्राउंड निर्माण कार्य का शुभारंभ कर दिया है। इससे अब अंडरग्राउंड का काम तेजी से चल रहा है और 21 मीटर नीचे मेट्रो चलेगी। इसके लिए लखनऊ मेट्रो में प्रयोग हुई गंगा और गोमती टनल बोरिंग मशीन को कानपुर लाये जाने की तैयारी है। यह दोनों टनल बोरिंग मशीनें अभी लखनऊ में ही खड़ी हैं। वहीं अन्य टनल बोरिंग मशीन टर्की से आएंगी। इनकी डिलीवरी जल्द शुरू होगी।
21 मीटर नीचे होगा कार्य
कानपुर मेट्रो जमीन से 21 मीटर नीचे दौड़ेगी। इसके लिए टनल निर्माण का काम भी 21 मीटर नीचे ही होगा। टनल बोरिंग मशीन की असेंबलिंग एक जटिल प्रक्रिया है। जिसमें हर एक हिस्से को 250 टन की क्रेन द्वारा शॉफ्ट से नीचे ले जाना, सही जगह पर स्थिर करना और फिर आपस में जोड़ना शामिल है। यहां पर चुन्नी गंज से नयागंज, नयागंज से टांसपोर्ट नगर और सीएसए से डबल पुलिया तक अप और डाउन लाइन के अंडरग्राउंड रूट हैं। इसके लिए एक साथ छह टनल बोरिंग मशीन काम करेंगी। सबसे पहले चुन्नीगंज से नयागंज के बीच टीबीएम चलेगी। क्योंकि 2024 तक अंडरग्राउंड का काम पूरा किया जाना है।
एक दिन में 8.4 मीटर की होती है खुदाई
लखनऊ मेट्रो के टनल निर्माण में जिस टनल बोरिंग मशीन का प्रयोग किया गया, वे फुली ऑटोमैटिक है। इन्हें जीआईएस सिस्टम की मदद से ऑपरेट किया जाता है। लोंगिट्यूड और लैटीट्यूड का डाटा फीड करते ही मशीनें उस दिशा में खुदाई करना शुरू कर देती हैं। औसतन एक दिन में 8.4 मीटर तक टनल की खुदाई की जा सकेगी।
2024 तक पूरा होगा कार्य
पहले चरण के तहत आईआईटी से मोतीझील का मेट्रो ट्रायल 20 नवम्बर को होने जा रहा है। इसलिए पहले चरण का लगभग कार्य पूरा हो चुका है और इसके बाद दूसरे चरण का कार्य तेजी से शुरु हो गया है। कानपुर मेट्रो परियोजना का कार्य 2024 तक पूरा होना है। नयागंज से ट्रांसपोर्ट नगर तक अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों के निर्माण के लिए ग्लोबल टेंडर कॉल किए गए हैं। जल्द ही टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड ओपन की जाएगी। इस सेक्शन में नयागंज, कानपुर सेंट्रल स्टेशन, झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर तक का कार्य किया जाएगा। इसके लिए 1250 करोड़ रुपए से इस सेक्शन का निर्माण किया जाना है।
