Wednesday, March 4, 2026
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कानपुर में शुरु हुई बारिश, तेज हवाओं के साथ आसमान में कड़क रही बिजली

             

दो दिनों तक रहेगा ऐसा ही मौसम, पड़ने लगेगी गुलाबी सर्दी

कानपुर (हि.स.)। दक्षिण पश्चिम मानसून भले ही वापस हो गया हो, लेकिन चार दिन से बनी मौसमी गतिविधियां कुछ अलग ही बयां कर रही हैं। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है और आगामी दो दिनों तक कानपुर सहित उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड में हल्की से भारी बारिश होगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार को दोपहर में कानपुर में तेज बारिश शुरु हो गई और तेज हवाओं के साथ आसमान में बिजली कड़क रही है।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम वैज्ञानिक डॉ एसएन सुनील पाण्डेय ने रविवार को बताया कि सीएसए मौसम विज्ञान एवं आईएमडी का पूर्वानुमान है कि कानपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश का मौसम अभी दो दिनों तक हल्की से भारी बारिश होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में तो शनिवार से बारिश शुरु हो गई और रविवार को कानपुर व आसपास के जनपदों में तेज बारिश होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल रही है। वही पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने से और ईस्टरली विंड (पुरवइया हवाएं) के आपसी टकराव से जो उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश के ऊपर होगा क्लाउड बन गया है और लाइटनिंग के साथ बिजली कड़कती रहेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे में

किसानों को सलाह दी जाती है कि वह अब पलेवा को स्थगित रखें, क्योंकि हल्की से भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। सिंचाई की गतिविधियां तीन दिन के लिए स्थगित कर दें। इसके साथ ही बिजली कड़कने के दौरान किसान भाई पेड़ से दूरी बनाकर रखें।

देश भर में बना मौसमी सिस्टम

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट के पास उत्तर-पश्चिम और इससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना हुआ है। संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है। एक और कम दबाव का क्षेत्र लक्षद्वीप और उससे सटे दक्षिणपूर्व अरब सागर के ऊपर है। संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण मध्य क्षोभमंडल तक फैला हुआ है। समुद्र तल से 4.5 और 5.8 किमी के बीच एक ट्रफ रेखा लगभग 13 डिग्री उत्तरी अक्षांश के साथ लक्षद्वीप पर कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से लेकर उत्तर-पश्चिम और इससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण तक चल रही है। पश्चिमी विक्षोभ को पंजाब और आसपास के क्षेत्र पर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में देखा जा सकता है।

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