— राष्ट्रपति आगमन के दौरान ट्रैफिक रोकने से आईआईए की महिला विंग अध्यक्ष की हो गई थी मौत
— मामले में न्यायालय ने सुनवाई कीजुलाई माह की 23 तारीख की निहित
कानपुर (हि.स.)। कानपुर में महामिहम राष्ट्रपति के आगमन के दौरान गोविंदपुरी पुल का ट्रैफिक रोक दिया गया था। इसके चलते अस्पताल जा रही आईआईए की चैयरमेन वंदना मिश्रा की मौत हो गई थी। इस सम्बंध में कानपुर पुलिस आयुक्त ने ट्वीट कर माफी मांगी थी और महामहिम राष्ट्रपति ने भी शोक जताया था। मामले में लापरवाही के चलते पुलिस आयुक्त ने चार पुलिस कर्मियों को सस्पेंड भी किया था। मामले में सस्पेंड पुलिस कर्मियों की बहाली के लिए दिवंगत वंदना मिश्रा के पति शरद मिश्रा ने अपील की थी।
इस घटनाक्रम के बावजूद मंगलवार को मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब एक विधि अभ्यर्थी ने सीएमएम कोर्ट में पुलिस आयुक्त कानपुर, डीसीपी ट्रैफिक, एसीपी गोविन्दनगर, टीएसआई, थाना प्रभारी गोविंदनगर के साथ अज्ञात पुलिस कर्मियों पर परिवाद दाखिल कराया है।
परिवाद दाखिल करने वाले विधि अभ्यर्थी जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि बीती 25 जून को महामहिम राष्ट्रपति के कानपुर आगमन के दौरान पुलिस की लापरवाही के कारण आईआईए की चैयरमेन वंदना मिश्रा की जान चली गई थी। जिसमें पुलिस आयुक्त ने ट्वीट कर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा कि संविधान में है की अगर कोई व्यक्ति आरोप स्वीकार करता है तो इसमें दंड का प्रावधान है। इसको देखते हुए मामले कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है।
अधिवक्ता नमन गुप्ता ने बताया कि वादी के द्वारा एक परिवाद दाखिल किया गया। जिसमें राष्ट्रपति के आने पर ट्रैफिक व्यवस्था ठीक न होने पर महिला उद्यमी वंदना मिश्रा की मौत हुई थी। इस मामले में पुलिस आयुक्त ने ट्वीट कर माफी भी मांगी थी, लेकिन किसी भी अपराध में माफी मांगना मात्र कोई न्याय नहीं है उसमें दण्डित करना समाधान है। इसलिए ये परिवाद दाखिल किया गया है। मामले में न्यायालय ने सुनवाई की अगली तिथि 23 जुलाई दी है।
कानपुर में विधि छात्र ने न्यायालय में पुलिस आयुक्त के खिलाफ परिवाद दाखिल किया
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