कानपुर(हि.स.)। शहर के गरीबों के लिए संचालित हो रही मुख्यमंत्री आसरा योजना कानपुर में सबसे फिसड्डी है। जब से यह शुरू हुई अब तक एक भी आवास आवंटन नहीं हो सका। हालांकि इस योजना के तहत कानपुर के सजारी में 1104 आवास निर्माणाधीन है। इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदकों की संख्या करीब दस हजार है, इसकी संख्या बढ़ती जा रही है। यह जानकारी बुधवार को कानपुर डूडा कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ लिपिक दीपेन्द्र ने दी।
मुख्यमंत्री आसरा योजना शहर के गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महज खानापूर्ती करते हुए श्रीगणेश किया, लेकिन यह ऐसे पड़ी रही और कोई कार्य नहीं हुआ। प्रदेश में पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे पुन: नए सिरे से शुरू किया और शहर के गरीबों आवास बनाकर देने की घोषणा की गई। शुरू होने के बाद शहर के गरीबों ने आवेदन भी किया था, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से सब कुछ अचानक ठप हो गया। पुन: सबकुछ बहाल होने के बाद आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई। इसके लिए आवेदन किये जा रहे हैं। जिन लोगों ने पहले आवेदन किए थे, उसकी जांच भी हो रही है। कानपुर शहर में आसरा योजना में पात्रों की संख्या काफी है। लेकिन अब तक कोई भी आवास निर्माण कार्य पूरा ही नहीं हो पाया है।
दीपेन्द्र ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन करने के बाद, उसकी हार्ड कॉपी डूडा कार्यालय में जमा होती है। जिसके बाद उसे डूडा विभाग पात्र एवं अपात्र की जांच के लिए जिलाधिकारी कानपुर के द्वारा निर्धारित एक एजेंसी के कर्मचारी जांच कर रहें है। जांच पूरी होने के बाद, उनकी सूची यहां भेजी जाती और उसे अपलोड करने का कार्य जारी है। हालांकि अभी तक इस योजना के तहत किसी गरीब को आवास नहीं दिया जा सका है।
राम बहादुर/राजेश
